मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई हिस्सों में वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जाने को लेकर सियासी घमासान छिड़ा हुआ है. विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरे है. NCP नेता रोहित पवार ने भी इस बात पर चिंता जताई है.
कांग्रेस नेताओं ने इसे गंभीर मामला बताते हुए पूरी प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े किए हैं. कांग्रेस नेता और विधायक असलम शेख ने करोड़ो लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का दावा किया. उन्होंने सवाल किया है कि अगर इतने लोगों के नाम हटे हैं तो वे लोग कहां गए? क्या उनकी मृत्यु हो गई?
असलम शेख ने पूरी SIR प्रक्रिया पर ही सवाल उठाए हैं. उन्होंने इस प्रक्रिया में शामिल लोगों की शैक्षणिक योग्यता पर भी सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने इसके पीछे किसी गहरी साजिश की आशंका जताई है.
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असलम शेख ही नहीं कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि सरकार क्या कर रही है यह समझ से बाहर है. अमीन पटेल के मुताबिक, कई जगहों पर BLO लोगों के घर तक नहीं पहुंच रहे हैं, जबकि आम लोगों को अपना काम छोड़कर मतदाता सूची से जुड़े काम में समय देना पड़ रहा है.
बता दें, सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं देश के अन्य हिस्सों में भी SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं. कहा जा रहा है कि कर्नाटक में पहली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 1.08 करोड़ वोटरों के नाम हट सकते हैं.
दिल्ली में भी SIR अभियान चल रहा है. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR अभियान के तहत घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जा चुका है. दो बार दिल्ली में SIR की समय सीमा बढ़ाई गई थी. इसके बावजूद राजधानी में अब तक कुल 66.84% फॉर्म ही पुराने वोटर रिकॉर्ड से मैप होकर डिजिटाइज हो पाए हैं.
दीपेश त्रिपाठी