लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के मालिक और सांसद अशोक मित्तल ने विश्वविद्यालय परिसर में हाल ही में हुई तोड़फोड़ और हिंसा को एक बड़ी सुनियोजित साजिश करार दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यूनिवर्सिटी के अंदर किसी भी छात्रा के साथ दुष्कर्म की कोई घटना नहीं हुई है. केवल रेडिफ पर आए एक झूठे मैसेज और फोन कॉल्स के जरिए छात्रों को भड़काकर माहौल खराब किया गया. मित्तल ने कहा कि इस हिंसा में बाहरी उपद्रवियों के साथ कुछ छात्र भी शामिल हो गए थे. यदि जांच में छात्रों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी.
छात्रों को उकसाया गया
यूनिवर्सिटी कैंपस में विरोध प्रदर्शन के दौरान लगे दुष्कर्म के आरोपों पर सांसद अशोक मित्तल ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि ये पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद इल्जाम है. उन्होंने पूरी जिम्मेदारी के साथ कहा कि ये बात 100 करोड़ फीसदी गलत है. मित्तल ने बताया कि रेडिफ पर एक भ्रामक मैसेज आया था, जिसके बाद टेलीफोन के जरिए बच्चों को उकसाया और भड़काया गया. उन्होंने साफ किया कि यूनिवर्सिटी के अंदर ऐसी कोई भी घटना घटित नहीं हुई है.
ये पूरे पंजाब के खिलाफ साजिश
अशोक मित्तल ने कहा कि इस बात में कोई दोराय नहीं है कि यह पूरी तरह से एक षड्यंत्र है. उन्होंने कहा कि ये साजिश केवल एलपीयू के खिलाफ नहीं है, बल्कि सीमावर्ती राज्य पंजाब के खिलाफ है. पाकिस्तान पास में बैठा है और पहले भी ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दिया जाता रहा है.
उन्होंने कहा कि ये साजिश पंजाब की अर्थव्यवस्था, जालंधर और फगवाड़ा के व्यापारिक नेटवर्क को बर्बाद करने, कारोबारियों को भयभीत कर राज्य से भगाने और हिंदू-सिख एकता को चोट पहुंचाने के लिए रची गई है.
कैंपस में तोड़फोड़ पर छलका दर्द
एक शिक्षाविद के तौर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कैंपस में हुई तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाओं से वो बेहद आहत हैं. उन्होंने कहा कि कुछ बाहरी तत्व तो इसमें सीधे तौर पर शामिल थे ही, साथ ही कुछ छात्र भी उनके साथ जाकर खड़े हो गए और जुड़ गए.
उन्होंने कहा कि देश और पंजाब की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचना बेहद चिंताजनक और दुखदायी है. पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी.
'तोड़फोड़ करने वालों पर होगी कार्रवाई'
राज्यसभा सांसद ने स्पष्ट किया कि कानून सभी नागरिकों के लिए पूरी तरह समान है. उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी छात्र की संलिप्तता तोड़फोड़ या हिंसा में पाई जाती है तो वो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग निश्चित रूप से करेंगे. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
वहीं, बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत निशाना बनाया गया है तो उन्होंने कहा कि वह कोई भी बड़ी बात पूरी जिम्मेदारी के साथ ही कहेंगे. जब तक उनके हाथ में कोई ठोस सबूत नहीं आ जाता, तब तक वो इस बारे में कुछ नहीं कह सकते. सबूत मिलने पर वे इसे सार्वजनिक करेंगे.
इसके अलावा मामले में जनहित याचिका (PIL) दाखिल होने और सीबीआई जांच की मांग पर अशोक मित्तल ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है. उन्होंने कहा कि चूंकि अब ये पूरा प्रकरण अदालत के समक्ष विचाराधीन है, इसलिए आगे क्या होना चाहिए और क्या नहीं, ये फैसला अदालत ही करेगी.
असीम बस्सी