अशोक कुमार मित्तल (Ashok Kumar Mittal, Businessman), एक उद्यमी हैं और लवली यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं (Chancellor of lovely university). वे एक राजनेता भी हैं. वे भारत के उच्च सदन, राज्यसभा में संसद सदस्य हैं. मित्तल ने 2022 के पंजाब चुनावों के बाद सक्रिय राजनीति में कदम रखा, जब आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया. उन्होंने 24 अप्रैल 2026 को आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया और बीजेपी (BJP में शामिल हो गए.
अशोक मित्तल का जन्म 10 सितंबर 1964 को पंजाब (Punjab) में हुआ था (Ashok Mittal Age). उनके पिता का नाम बलदेव राज मित्तल है. अशोक के दो भाई हैं- रमेश मित्तल और नरेश मित्तल (Ashok Mittal Family). उन्होंने जालंधर के एक सरकारी स्कूल से पढ़ाई की है और डीएवी कॉलेज (DAV College) से स्नातक हुए. उन्हेंने अमृतसर के गुरु नानक देव विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की (Ashok Mittal Education).
पढ़ाई के बाद वे अपने पिता के कारोबार से जुड़ गए. बाद में मित्तल ने लवली ऑटो के नाम से अपना एक अलग बिजनेस शुरु किया. बाद में अशोक मित्तल ने शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखते हुए 2001 में पंजाब के फगवाड़ा (Phagwara, Punjab) में लवली कॉलेज की स्थापना की जो बाद में यूनिवर्सिटी के रूप में स्थापित हो गया, जिसका नाम लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी है (Lovely Professional University Foundation Date).
यह देश की सबसे बड़ी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में से एक है. लगभग 600 एकड़ में फैली इस यूनिवर्सिटी में 50 से ज्यादा देशों के छात्र पढ़ते हैं (LPU).
अशोक मित्तल की पत्नी का नाम रश्मि मित्तल (Rashmi Mittal) है और वो लवली यूनिवर्सिटी की को-चांसलर हैं (Co-Chancellor of LPU).
आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने 25 अप्रैल को ऐलान करते हुए कहा कि वो भाजपा में शामिल हो गई हैं. आम आदमी पार्टी के साथ करीब दो दशक पुराना रिश्ता तोड़ते हुए मालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताया.
आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे मुख्य रणनीतिकारों ने 2/3 बहुमत के साथ बीजेपी का दामन थाम लिया है. इस कदम ने न केवल राज्यसभा का गणित बदल दिया है, बल्कि 2027 के पंजाब चुनाव से पहले 'आप' के अस्तित्व पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी में विलय कर राजनीतिक हलचल मचा दी है. इस सूची में संदीप पाठक का नाम सबसे चौंकाने वाला है, जो बीजेपी के मुखर विरोधी थे. राघव चड्ढा समेत अन्य नेताओं के बीजेपी में शामिल होने से 'आप' की स्थिति कमजोर होती दिख रही है.
राष्ट्रीय राजधानी स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने बड़ा ऐलान करते हुए दो-तिहाई AAP सांसदों के बीजेपी में शामिल होने का ऐलान किया, जिससे दिल्ली की सियासत में भूचाल आ गया.
राघव चड्ढ़ा ने पार्टी के पद से हटाए जाने के महज 22 दिनों के भीतर ही आप की और केजरीवाल की नींव ही हिला दी है.राघव चड्ढा ने खुद तो पार्टी छोड़ी ही साथ ही अपने छह और साथियों के हाथों से झाड़ू ले ली है. राघव ने अपने तीन साथियों के साथ कमल का फूल भी पकड़ा लिया है.
कहा जा रहा है कि राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी तोड़ दी है, और दो तिहाई राज्यसभा सांसदों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं. लेकिन, अरविंद केजरीवाल को सबसे बड़ा सरप्राइज दिया है संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने. संदीप तो आप विचारधारा और संगठन के पुराने आदमी थे. दूसरे, अशोक मित्तल को राघव चड्ढा की जगह राज्यसभा में डिप्टी लीडर बनाया गया था.
2 अप्रैल को अशोक मित्तल राज्यसभा में AAP के उपनेता बने. इसके बाद 15 अप्रैल को अशोक मित्तल के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का छापा पड़ा था. 24 अप्रैल को अशोक मित्तल ने राघव चड्ढा के साथ AAP छोड़ने का ऐलान कर दिया. अशोक मित्तल बीजेपी में शामिल हो गए है.
राघव चड्ढा सहित कई राज्यसभा सांसदों ने AAP छोड़कर बीजेपी जॉइन करने का ऐलान किया है. दो-तिहाई सांसदों के बीजेपी में विलय के दावे से AAP में बड़ी टूट और अंदरूनी संकट गहरा गया है.
AAP राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के कई ठिकानों पर बुधवार को ED ने छापेमारी की है. जालंधर और गुरूग्राम में सांसद के कई ठिकानों पर ये कार्रवाई हुई है. दरअसल हाल ही में AAP ने राघव चड्ढा को हटाकर अशोक मित्तल को राज्यसभा का डिप्टी लीडर बनाया गया था. इस छापेमारी के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं. देखें पंजाब आजतक.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के पंजाब, गुरुग्राम के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की. बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी ने ये कार्रवाई लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के फंड में कथित अनियमितताओं को लेकर की गई है.
AAP राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के कई ठिकानों पर बुधवार को ED ने छापेमारी की है. जालंधर और गुरूग्राम में सांसद के कई ठिकानों पर ये कार्रवाई हुई है. दरअसल हाल ही में AAP ने राघव चड्ढा को हटाकर अशोक मित्तल को राज्यसभा का डिप्टी लीडर बनाया गया था. इस छापेमारी के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं.
AAP द्वारा राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने भावुक प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा उनकी खामोशी हार नहीं है. जनता के मुद्दे उठाने पर रोक लगाने के आरोपों के बीच उनका बयान राजनीति में नई चर्चा और अटकलों को जन्म दे रहा है.
आम आदमी पार्टी के नए राज्यसभा उपनेता अशोक मित्तल ने राघव चड्ढा को हटाए जाने को सामान्य प्रक्रिया बताया है. उन्होंने कहा कि इसके पीछे कोई खास वजह नहीं है. साथ ही उन्होंने साफ किया कि चड्ढा को राज्यसभा में बोलने का मौका मिलता रहेगा. पंजाब विधानसभा चुनाव में उनकी भूमिका को लेकर फैसला पार्टी ही करेगी.
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में अपने संगठन में एक बड़ा बदलाव करते हुए सीनियर सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है. उनकी जगह डॉ. अशोक कुमार मित्तल लेंगे.
AAP सांसद अशोक मित्तल ने पंजाब बाढ़ में जान गंवाने वाले 43 परिवारों के एक सदस्य को LPU यूनिवर्सिटी में स्थायी नौकरी देने का ऐलान किया. उन्होंने मृतकों को त्रासदी के शहीद बताया और सीएम राहत कोष में 20 लाख रुपये दान दिए. मित्तल ने सरकार के राहत कार्यों की सराहना की और कहा कि LPU टीम प्रभावित परिवारों से सीधे संपर्क करेगी.
अशोक कुमार मित्तल ने बिल ऑफ लैडिंग बिल पर चर्चा के दौरान अपने विचार रखे. उन्होंने 170 वर्ष पुराने कोलोनियल इरा के बिल ऑफ लैडिंग एक्ट 1856 को निरस्त करने के विधेयक का समर्थन किया, लेकिन इसे 'पुरानी बोतल में नई शराब' बताया.