खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) की रैली के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ को लेकर पूर्वी खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने पुलिस कार्रवाई और जांच को लेकर अहम जानकारी दी है. मीडिया से बातचीत में पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया कि केएसयू ने रैली के लिए पुलिस से अनुमति मांगी थी और जिला प्रशासन की ओर से कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई थीं. पुलिस को उम्मीद थी कि रैली शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित होगी. इसी आधार पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल को विभिन्न रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया था.
हालांकि, रैली के दौरान स्थिति हिंसक हो गई. पुलिस अधीक्षक के अनुसार, हिंसा में करीब 31 वाहन क्षतिग्रस्त हुए, लगभग 60 लोग घायल हुए और दो वाहनों को आग के हवाले किया गया. पुलिस को अब तक 15 प्राथमिकी प्राप्त हुई हैं, जबकि मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस इन सभी मामलों की जांच कर रही है और हिंसा तथा तोड़फोड़ में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए पर्याप्त साक्ष्य और वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है.
रैली में करीब 200 बाइक शामिल होने की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस के पास ऐसे साक्ष्य मौजूद हैं, जिनसे हिंसा में कुछ बाइक सवारों की संलिप्तता सामने आती है. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान अन्य आरोपियों की भूमिका भी स्पष्ट की जाएगी.
पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों पर पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने कहा कि गिरफ्तारियों के दौरान पुलिस टीम को भीड़ की ओर से कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ा. पुलिस टीम पर पथराव और हमले की कोशिश के बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को ध्वनि-प्रकाश वाले हथगोले और कम घातक साधनों का इस्तेमाल करना पड़ा. उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना था, न कि आम जनता या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना.
पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि हिंसा के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और कंपनियों की तैनाती की जा रही है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी.
पुलिस की सीमित तैनाती को लेकर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रशासन ने रैली को शांतिपूर्ण मानते हुए रणनीतिक स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया था. चूंकि यह बाइक रैली थी और प्रतिभागी अलग-अलग स्थानों पर तेजी से आगे बढ़ सकते थे, इसलिए पूरे मार्ग को एक साथ कवर करना संभव नहीं था. पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने कहा कि पुलिस अब दर्ज मामलों की जांच, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य सबूतों के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है.
Report- प्रकाश वर्मा
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