कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. दोनों नेताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा. राहुल गांधी ने पूछा कि निहत्थे छात्रों पर पैलेट गन, आंसू गैस और इलेक्ट्रिक शॉक बैटन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया. वहीं, खड़गे ने राम मंदिर के चढ़ावे का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा.
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने सबसे पहले छात्रों पर हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाया. उनका कहना था कि बहस इस बात की नहीं है कि गृहमंत्री अमित शाह संसद में किस विषय पर बोलते हैं. असली सवाल यह है कि दिल्ली में निहत्थे छात्रों पर पैलेट गन, आंसू गैस और इलेक्ट्रिक शॉक बैटन के इस्तेमाल की मंजूरी किसने दी.
उनके मुताबिक, अगर यह फैसला गृह मंत्री की जानकारी में हुआ था तो जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए. अगर जानकारी नहीं थी, तब भी यह गंभीर मामला है. ऐसे में देश के सामने पूरी सच्चाई रखी जानी चाहिए.
'प्रधानमंत्री देश से माफी मांगें'
कांग्रेस ने छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई को गंभीर मामला बताया. राहुल गांधी का कहना था कि अपनी मांग रखने पहुंचे युवाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, वह स्वीकार नहीं किया जा सकता. इस पूरे घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए. साथ ही यह सवाल भी उठाया गया कि विपक्ष कई दिनों से इस मुद्दे पर जवाब मांग रहा है, लेकिन सरकार की तरफ से अब तक कोई स्पष्ट सफाई नहीं आई.
राम मंदिर का मुद्दा भी गरमाया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मल्लिकार्जुन खड़गे ने राम मंदिर के चढ़ावे का मुद्दा उठाया. उनका आरोप था कि इस मामले में सरकार चुप्पी साधे हुए है. उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था राम मंदिर से जुड़ी है. ऐसे में चढ़ावे के पैसे को लेकर उठे सवालों का जवाब मिलना चाहिए. अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
सरकार पर चुप्पी का आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि पिछले 15 दिनों से न तो प्रधानमंत्री ने इन सवालों पर जवाब दिया, न ही गृह मंत्री ने अपनी स्थिति साफ की. उनका कहना था कि संसद में भी इन मुद्दों पर सीधे जवाब से बचने की कोशिश हुई. अब सरकार को साफ-साफ बताना चाहिए कि छात्रों पर हुई कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी है.
झारखंड के प्रदर्शन पर भी रखी राय
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रांची में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन का सवाल भी उठा. इस पर राहुल गांधी ने बल प्रयोग का विरोध किया. उनका कहना था कि छात्रों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का पूरा अधिकार है. सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए. बातचीत से समाधान निकालना ही बेहतर रास्ता है.
इस संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने तीन मांगें दोहराईं. पहली, छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर अमित शाह देश के सामने जवाब दें. दूसरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मामले पर माफी मांगें. तीसरी, राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े सवालों का जवाब दिया जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो.
करीब पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस दो मुद्दों के इर्द-गिर्द रही. पहला, जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई. दूसरा, राम मंदिर के चढ़ावे का मामला. राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही पर सवाल उठाए, जबकि मल्लिकार्जुन खड़गे ने दोनों मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा. कांग्रेस ने साफ किया कि इन सवालों के जवाब मिलने तक वह यह मुद्दा उठाती रहेगी.
मौसमी सिंह