भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षक, विरोध में महिला ने मुंडवाया सिर

केरलम में लोअर प्राइमरी स्कूल टीचर्स की नियुक्ति की मांग को लेकर 113वें दिन अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू हो गई है. सरकार ने कुछ मांगें मान ली हैं, लेकिन 1:25 शिक्षक-छात्र अनुपात की मांग को अस्वीकार कर दिया है. ऐसे में आंदोलन के दौरान एक्शन काउंसिल की सचिव ने अपना सिर मुंडवाकर विरोध जताया है.

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केरलम में 113 दिन से प्रदर्शन जारी है. (Photo- ITGD) केरलम में 113 दिन से प्रदर्शन जारी है. (Photo- ITGD)

शिबिमोल

  • तिरुवनंतपुरम,
  • 27 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:13 PM IST

केरलम में लोअर प्राइमरी स्कूल टीचर (LPST) के पद पर नियुक्ति की मांग कर रहे अभ्यर्थियों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है. सरकार की ओर से उनकी सभी मांगें पूरी न किए जाने के बाद शिक्षकों ने एक बार फिर अपने आंदोलन को तेज कर दिया है.

प्रदर्शन के 113वें दिन शिक्षकों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. वहीं विरोध के तौर पर एक्शन काउंसिल की सचिव ने अपना सिर मुंडवा लिया है.

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ये विरोध प्रदर्शन 6 जुलाई से शुरू हुआ था. इसके बाद 8 जुलाई को शिक्षकों ने चेहरे पर काला कपड़ा बांधकर प्रदर्शन किया था. मांगें न माने जाने पर 27 जुलाई को सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का ऐलान किया गया था. 

अगले ही दिन भूख हड़ताल के बाद प्रदर्शनकारियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. इसके बाद 11 अगस्त को सरकार की ओर से बातचीत का न्योता मिलने पर शिक्षकों ने अपनी भूख हड़ताल स्थगित कर दी थी. सरकार ने इस पूरे मसले का अध्ययन करने के लिए 45 दिन का समय मांगा था, जिसके चलते मार्च निकाले बिना आंदोलन सीमित रूप में जारी रहा था.

मांगें पूरी न होने पर फिर भड़का आक्रोश

बीती 30 सितंबर को सरकार ने प्रदर्शनकारियों को एक और दौर की चर्चा के लिए बुलाया. इस बैठक में सरकार ने उनकी चार मांगें मान लीं, लेकिन 1:25 के शिक्षक-छात्र अनुपात की उनकी मांग को स्वीकार नहीं किया गया.

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सरकार का रुख सामने आने के बाद प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री को साफ कर दिया था कि जब तक उनकी बाकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वो आंदोलन करते रहेंगे. इसी कड़ी में अब एक बार फिर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का ऐलान किया गया है.

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