केरल: रोने पर 8 महीने की बच्ची का गला दबाया, फिर दलदल में फेंका शव, 3 साल बाद ऐसे खुला राज!

केरल के पथनमथिट्टा में रात में रोने पर आठ महीने की बच्ची की कथित हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी मां मंजू को गिरफ्तार किया. अब पुलिस बाकि के दो आरोपियों की तलाश में है.

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3 साल बाद बच्ची की मौत का राज खुला है (Representational) 3 साल बाद बच्ची की मौत का राज खुला है (Representational)

aajtak.in

  • केरल,
  • 22 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:20 PM IST

केरल से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. पथनमथिट्टा जिले में रात में रोने पर आठ महीने की मासूम की हत्या कर दी गई थी. इसके बाद आरोपी ने बर्बरता की सारी हदें पार कर बच्ची का शव दलदल में फेंक दिया था. मामला 2023 का है, जो कि अब सामने आया है. मौत की गुत्थी 3 साल से उलझी हुई थी. अब पुलिस ने बच्ची की मां मंजू को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, शव ठिकाने लगाने में भी मां ने भी मुख्य आरोपी का साथ दिया था. 

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दरअसल 12 अगस्त 2023 को पुलिकीझ थाना क्षेत्र के वलंजवट्टम में घास से ढके दलदल में बच्ची का शव मिला था. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बच्ची की मां मंजू कुछ समय पहले अपने पति एसक्की से विवाद के बाद अलग हो गई थी. इसके बाद वह बच्ची को लेकर अलप्पुझा चली गई थी.

पुलिस के मुताबिक, कलारकोड में एक दुकान के पास मंजू की मुलाकात सिवन नाम के शख्स से हुई. उसने मां-बेटी की देखभाल करने की पेशकश की. इसके बाद मंजू उसके साथ चंगनास्सेरी चली गई. दोनों बच्ची के साथ एक दुकान के बरामदे में रहने लगे.

रात में रोने पर बच्ची की दबाई गर्दन

पुलिस की जांच के मुताबिक, अगस्त 2023 की एक रात बच्ची सोते समय रोने लगी. आरोप है कि इससे गुस्साए सिवन ने उसकी गर्दन दबा दी, जिससे बच्ची की मौत हो गई. इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए सिवन और मंजू ने उसके छोटे भाई शक्ति को बुलाया. इसके बाद शक्ति स्कूटर लेकर पहुंचा. फिर तीनों बच्ची के शव को लेकर वलंजवट्टम गए और उसे दलदल में फेंक दिया.

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ऐसे हुआ खुलासा

जांच में अहम मोड़ तब आया, जब मंजू बच्ची के बिना पलक्कड़ की उस कॉलोनी में लौटी, जहां वह रहती थी. वह मीनकरा बांध के पास चेम्मनातोडु अनुसूचित जनजाति कॉलोनी में रहती थी और वहां प्रमोटर के तौर पर काम करती थी. कॉलोनी के एक प्रमोटर ने जब बच्ची के बारे में पूछा, तो मंजू कथित तौर पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी.  इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. पूछताछ के दौरान बच्ची की मौत से जुड़ी बातें सामने आईं.

दो आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने 22 अक्टूबर को बताया कि तीन साल बाद तिरुवल्ला के पुलिस उपाधीक्षक पीआर संतोष की अगुवाई वाली विशेष जांच टीम ने मंजू को गिरफ्तार किया है. अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

जिला पुलिस प्रमुख आर.आनंद के निर्देश पर मामले की जांच जारी है.पुलिस अब मुख्य आरोपी सिवन और दूसरे आरोपी शक्ति की तलाश कर रही है. करीब तीन साल पुराने इस मामले में जांच एजेंसियों की नजर अब बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी पर है, ताकि बच्ची की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच पूरी की जा सके.

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