कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से अलग-अलग मुलाकात कर बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे और कर्नाटक के जल संसाधनों से जुड़े अहम मुद्दों पर समर्थन मांगा. रक्षा मंत्री के साथ बैठक में उन्होंने इबलूर में 730 एकड़ अप्रयुक्त रक्षा भूमि पर पब्लिक पार्क बनाने और स्लम बस्तियों के पुनर्विकास का प्रस्ताव रखा.
वहीं, जल शक्ति मंत्री के साथ 16,745 करोड़ रुपये के मेकेदातु प्रोजेक्ट, केडब्ल्यूडीटी-II अवॉर्ड के प्रकाशन और सिंचाई परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा कर त्वरित सहयोग की मांग की.
730 एकड़ डिफेंस लैंड पर बनेगा पार्क
केंद्रीय रक्षा मंत्री से मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया पर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षा मंत्री के समक्ष इबलूर फायरिंग रेंज के पास स्थित लगभग 730 एकड़ खाली पड़ी रक्षा भूमि को बेंगलुरु के लिए एक स्थायी पब्लिक पार्क और लंग स्पेस के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा. इसके साथ ही उन्होंने रक्षा भूमि के लगभग 43.838 एकड़ क्षेत्र में बसी 10 अधिसूचित स्लम बस्तियों के लिए व्यावहारिक समाधान तलाशने और उनकी तत्काल मरम्मत व पुनर्विकास के लिए वर्किंग परमिशन देने की भी अपील की है.
बैठक में बेंगलुरु के विकास को गति देने के लिए एचएएल एयरपोर्ट और वायुसेना स्टेशन येलहंका के आसपास इमारतों की ऊंचाई संबंधी पाबंदियों की समीक्षा और युक्तिकरण की मांग उठाई गई. शिवकुमार ने इन क्षेत्रों के 20KM के दायरे में जरूरी NOC की शर्त में ढील देने का मुद्दा रक्षा मंत्री के सामने रखा गया है.
सड़क और टनल के लिए मांगी जमीन
सीएम ने लोअर अगराम रोड से सरजापुर रोड को एजिपुरा जंक्शन के जरिए जोड़ने वाली 24 मीटर चौड़ी सड़क के लिए 13.709 एकड़ रक्षा भूमि के तुरंत ट्रांसफर करने की मांग की. इसके अलावा बेंगलुरु अर्बन व्हीकुलर ट्विन टनल प्रोजेक्ट के तहत मेखरी सर्कल के रक्षा क्षेत्र से गुजरने वाले भूमिगत हिस्से के प्रस्तावित लाइसेंस शुल्क को घटाने और भूमि आवंटन में तेजी लाने का आग्रह किया.
साथ ही सीएम ने एयरपोर्ट रूट पर ट्रैफिक की समस्या दूर करने के लिए मेखरी सर्कल पर सड़क को दो लेन से तीन लेन चौड़ा करने के लिए 0.775 एकड़ सेना की जमीन ट्रांसफर करने की भी अपील की. साथ ही बेल्लारी रोड को सरोवरा लेआउट से जोड़ने वाली प्रस्तावित 18 मीटर लिंक रोड के लिए 6.837 एकड़ रक्षा भूमि के हस्तांतरण को जल्द मंजूरी देने की मांग की गई.
अंत में कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया भारत को बेंगलुरु के जरिए देखती है. वो नम्मा बेंगलुरु को एक सच्चे ग्लोबल सिटी के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने रक्षा मंत्रालय से इन लंबित मामलों को जल्द निपटाने की अपील की जो शहर में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने, सार्वजनिक जगह बनाने और सुनियोजित, टिकाऊ विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.
मेकेदातु और अपर भद्रा प्रोजेक्ट पर चर्चा
उन्होंने सीआर पाटिल के साथ मुलाकात के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात के दौरान विशेष प्रतिनिधि टीबी जयचंद्रा और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. शिवकुमार ने 16,745 करोड़ रुपये के मेकेदातु बैलेंसिंग जलाशय और पेयजल परियोजना की त्वरित समीक्षा व मंजूरी मांगी. इसके अलावा बजट 2023-24 में घोषित अपर भद्रा परियोजना के लिए PMKSY के तहत केंद्रीय सहायता जारी करने का आग्रह किया.
नदी जोड़ो परियोजना पर जोर
मुख्यमंत्री ने कृष्णा जल विवाद न्यायाधिकरण (KWDT-II) अवॉर्ड को राजपत्र में शीघ्र प्रकाशित करने की मांग की, ताकि राज्य अपने पानी के हिस्से का इस्तेमाल कर सके. उन्होंने PMKSY और FMBAP के तहत बाढ़ नियंत्रण व सिंचाई प्रस्तावों पर जल्द मंजूरी मांगी. साथ ही गोदावरी-कावेरी और बेदती-वरदा लिंक परियोजनाओं में कर्नाटक के हितों के अनुसार समान जल आवंटन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया.
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