कांवड़ यात्रा पर मौलाना रशीदी की एक टिप्पणी के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर कहा कि 'कांवड़ उठाने वाले नशेड़ी, भंगेड़ी और आतंकवादी होते हैं'. इस बयान के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रा को लेकर की गई इस टिप्पणी से मामला और गरमा गया है.
इसी बीच उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा, आने वाले त्योहारों और कानून व्यवस्था को लेकर भी हलचल तेज है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज रात 9:00 बजे फील्ड अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस करेंगे. सीएमओ के मुताबिक, इस बैठक में कानून व्यवस्था, आने वाले त्योहारों और कांवड़ यात्रा की समीक्षा की जाएगी.
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दारुल उलूम देवबंद ने लोगों को दी ये सलाह
दूसरी तरफ, दारुल उलूम देवबंद ने भी कांवड़ यात्रा के दौरान अपने छात्रों के लिए खास एडवाइजरी जारी की है. मशहूर इस्लामी शिक्षण संस्थान ने कहा है कि छात्र एहतियात के तौर पर कांवड़ रूट और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गैर जरूरी आवाजाही से बचें. बुधवार शाम जारी लिखित आदेश में हॉस्टल इंचार्ज मौलाना अशरफ अब्बास ने कहा कि यह सलाह छात्रों की सुरक्षा और सालाना यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए दी गई है.
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कांवड़ रूट पर न जाएं छात्रा- दारुल उलूम
छात्रों को सलाह दी गई है कि वे गैर जरूरी यात्रा से बचें, खास तौर पर कांवड़ रूट और जीटी रोड पर जाने से बचें. बाहर तभी निकलें जब बहुत जरूरी हो. एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि जरूरी यात्रा करने वाले छात्र सिर्फ रिजर्व रेलवे कोच का इस्तेमाल करें और अपने साथ दारुल उलूम का जारी पहचान पत्र हर समय रखें.
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