कल्लाकुरिची में अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों को मंदिर में प्रवेश करने और पूजा करने की अनुमति दने के लिए रात में मंदिर खोला गया. आदि द्रविड़ समुदाय के लोग पूजा के लिए मंदिर में प्रवेश चाहते थे, जबकि अन्य समुदाय ने इसका विरोध किया. पुलिस ने सुरक्षा के लिए 50 से अधिक कर्मियों को तैनात किया.
चिन्नसालेम के पास कुराल गांव में निजी जमीन पर पिछले 50 से ज्यादा सालों से पेरुमल का मंदिर स्थित है.
लगभग दो साल पहले सरकार ने मंदिर का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया था. अब तक आदि द्रविड़ समुदाय के लोग मंदिर के एंट्री गेट के बाहर से ही पूजा करते थे. हाल ही में, समुदाय के लोगों ने मंदिर के अंदर जाकर पूजा करने की अनुमति मांगी और इसके लिए विरोध प्रदर्शन किया. कुछ लोगों का आरोप है कि आदि द्रविड़ समुदाय के लोगों ने मंदिर परिसर में जबरदस्ती घुसने की कोशिश की.
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दोनों पक्षों के बीच विवाद को देखते हुए पुलिस अधीक्षक की अगुवाई में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. पुलिस ने मंदिर का ताला तोड़कर आदि द्रविड़ समुदाय के लोगों को अंदर जाकर पूजा करने की अनुमति दी. हालांकि दूसरे समुदाय के लोगों ने इस कदम का विरोध किया.
चिन्नसालेम के पास कुराल गांव में निजी जमीन पर पिछले 50 से ज्यादा सालों से स्थित पेरुमल का मंदिर को लेकर लंबे समय से आदि द्रविड़ समुदाय के लोग पूजा की मांग कर रहे थे. शनिवार रात मंदिर का ताला तोड़कर उन्हें पूजा करने की अनुमति दी गई.
प्रमोद माधव