'पुलिस से कोई झड़प नहीं', झारखंड विधानसभा घेराव से पहले छात्रों की साथियों से अपील

झारखंड में सोमवार को प्रदर्शनकारी JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर झारखंड विधानसभा का घेराव करने वाले हैं. प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपने साथियों के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की है.

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झारखंड छात्रों का आंदोलन (फोटो: PTI) झारखंड छात्रों का आंदोलन (फोटो: PTI)

आशुतोष मिश्रा

  • रांची ,
  • 10 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:41 AM IST

झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में अनियमितता के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है. आंदोलन का आज 17वां दिन है. छात्र आज विधानसभा का घेराव करने वाले हैं. इससे पहले छात्रों ने अपने साथियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. इस एडवाइजरी में छात्रों को पुलिस या किसी भी सुरक्षा बल के साथ किसी भी झड़प से बचने की सलाह दी गई. 

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छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होने की अपील की गई है. विधानसभा की ओर बढ़ते समय यातायात बाधित न करने और राहगीरों व आम लोगों को परेशानी न होने देने को कहा गया है.

छात्रों को पुलिस या किसी भी सुरक्षा बल के साथ झड़प से बचने की सलाह दी गई है. अगर कोई व्यक्ति झड़प या हंगामा करता है तो उसका साथ न देने को कहा गया है. साथ ही किसी भी तरह की अराजकता से दूर रहने और ऐसी स्थिति में पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है. छात्रों से सरकार के सामने अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से रखने और प्रदर्शन के दौरान समझदारी व संयम बनाए रखने को कहा गया है. साथ ही छात्रों को किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करने की सलाह दी गई है.

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यह भी पढ़ें: Ranchi Assembly March Live: आज झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे प्रदर्शनकारी छात्र... धारा 163 लागू, चप्पे-चप्पे पर पुलिस

मालूम हो, आज 10 बजे प्रदर्शनकारी छात्र झारखंड विधानसभा का घेराव करने वाले हैं. विधानसभा के आसपास के इलाकों में धारा 163 लगा दी गई है. इस मामले को लेकर सरकार और छात्रों में तीन दौर की लंबी बातचीत हुई. लेकिन JSSC CGL की परीक्षा और नियुक्तियों को लेकर सरकार और छात्रों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई है. फिलहाल JPSC को भंग कर दिया है, इसके तीनों सदस्य इस्तीफा भी दे चुके हैं. झारखंड लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य से 10 अगस्त को पूछताछ की जाएगी. छात्र मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं.

सीएम हेमंत सोरेन ने खुद छात्रों को चिट्ठी लिखकर भरोसा दिलाने की कोशिश की. सरकार का दावा है कि छात्रों की 98% मांगें मान ली गई हैं. इसके बावजूद कई मुख्य मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी. 

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