बांग्लादेशी घुसपैठ‍ियों को बाहर निकालो... बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के ख‍िलाफ जम्मू में उठी मांग

जम्मू में डोगरा फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या अवैध प्रवासियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे सभी बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं को तुरंत निष्कासित किया जाए. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ये लोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं और सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए.

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जम्मू में उठी अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को बाहर करने की मांग जम्मू में उठी अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को बाहर करने की मांग

सुनील जी भट्ट

  • जम्मू,
  • 29 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 9:01 PM IST

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर लगातार हो रहे अत्याचारों को लेकर जम्मू में कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों को तुरंत बाहर निकालने की मांग की.

जम्मू में डोगरा फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया और केंद्र की मोदी सरकार से अपील की कि जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे सभी बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को तुरंत निष्कासित किया जाए. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘बांग्लादेशी वापस जाओ’ जैसे नारे लगाए.

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प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बांग्लादेश में हिंदुओं को जिंदा जलाया जा रहा है, जबकि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी मुसलमान अवैध रूप से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कई लोगों ने आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज भी बनवा लिए हैं.

डोगरा फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. उनका कहना था कि ऐसे लोग न सिर्फ कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बने हुए हैं.

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मांग की कि अवैध घुसपैठ पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और देश में रह रहे अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जाए.

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गौरतलब है कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय को लेकर वर्षों से तनाव और हिंसा की घटनाएं दर्ज होती रही हैं.राजनीतिक अस्थिरता, धार्मिक तनाव और साम्प्रदायिक द्वंद्व के बीच हिंदुओं के खिलाफ हमलों, झूठे ईशनिंदा आरोपों और सामाजिक भेदभाव की रिपोर्टें आती रही हैं.हाल ही में भी अल्पसंख्यकों पर दर्ज होने वाले हमलों में वृद्धि हुई है, जिससे क्षेत्र में मानवाधिकार समूहों और पड़ोसी देशों की चिंता बढ़ी है.ऐसे हालात का असर सामाजिक-जनसांख्यिकीय ताने-बाने पर भी देखने को मिल रहा है.

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