भारत ने पोखरण में किया ‘नाग’ एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का आखिरी ट्रायल, DRDO ने की है विकसित

डीआरडीओ द्वारा लगातार देसी मिसाइलों के परीक्षण किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में गुरुवार सुबह नाग एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का सफल ट्रायल किया गया.

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पहले भी किया जा चुका है नाग का परीक्षण (फाइल फोटो) पहले भी किया जा चुका है नाग का परीक्षण (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 2:08 PM IST
  • डीआडीओ के खाते में एक और कामयाबी
  • एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल नाग का परीक्षण

भारत ने गुरुवार सुबह-सुबह सुरक्षा दृष्टि से एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. राजस्थान के पोखरण में नाग एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया. इस मिसाइल का टेस्ट वॉरहेड पर किया गया है. 
 

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा निर्मित इस देसी मिसाइल का परीक्षण पोखरण में गुरुवार सुबह 06.45 बजे किया गया. गौरतलब है कि नाग मिसाइल पूरी तरह से देसी है और इस तरह की मिसाइलों में भारत द्वारा निर्मित थर्ड जेनरेशन की है. DRDO की ओर से लगातार इसके अलग-अलग ट्रायल किए जाते हैं. 

इस उपलब्धि के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और भारतीय सेना को बधाई दी. रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि डीआरडीओ, सेना और इंडस्ट्री ने जिस तरह इसमें काम किया है वो शानदार है और जल्द ही ये प्रोडकश्न फेज़ में आ जाएगा. 

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इससे पहले भी नाग मिसाइल के कई अन्य ट्रायल किए जा चुके हैं. साल 2017, 2018 और 2019 में अलग-अलग तरीके की नाग मिसाइलों का परीक्षण हो चुका है. जिनमें अचूक निशाना लगाने की क्षमता है और दुश्मन के टैंक को नेस्तानाबूद कर सकती है. ये वजन में काफी हल्की होती है. 

आपको बता दें कि एंटी टैंक मिसाइल दुश्मन के टैंक समेत अन्य सैन्य वाहनों को सेकेंडों में समाप्त कर सकती है. ये मीडियम और छोटी रेंज की मिसाइल होती हैं, जो फाइटर जेट, वॉर शिप समेत अन्य कई संसाधनों के साथ काम कर सकती है. भारत ने पिछले करीब एक महीने में अलग-अलग तरीके की आधा दर्जन से अधिक ऐसी ही स्वदेशी मिसाइलों का सफल परीक्षण किया है. 

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