सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश ने एक बार फिर कई राज्यों की रफ्तार रोक दी है. उत्तर प्रदेश से बिहार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा तक कहीं नदियां उफान पर हैं तो कहीं सड़कें और घर पानी में डूबे हैं. यूपी में पिछले तीन दिनों की बारिश से 56 लोगों की मौत और 46 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. 1,021 मकानों को भी नुकसान पहुंचा है.
कानपुर में पांडु नदी उफान पर है जिससे निचले इलाकों में मुश्किल बढ़ गई है. गोपालापुरम, वरुण विहार और बर्रा के पिपौरी जैसे इलाकों में कई जगह पानी 5 से 7 फीट तक पहुंच गया. सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को रोजमर्रा के कामों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. जलमग्न रास्तों के बीच मवेशियों के चारे का इंतजाम करना भी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है.
Photo-ANI
प्रयागराज में संगम तक पहुंचा पानी
प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. संगम इलाके में हनुमान मंदिर कॉरिडोर और रिवर फ्रंट रोड तक बाढ़ का पानी पहुंच गया. जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में लोगों को नावों का सहारा लेना पड़ रहा है. 27-28 सितंबर के बीच यमुना में नैनी का जलस्तर का जलस्तर 12 घंटे में करीब 93 सेंटीमीटर बढ़ा. गंगा में भी कई जगहों पर कुछ ही घंटों में 28 से 35 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज हुई. फिलहाल जलस्तर 84.73 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है.
Photo-ANI
बिहार में गंडक बढ़ा रही चिंता
बिहार के गोपालगंज में प्रशासन वाहन से माइकिंग कर लोगों को सावधान कर रहा है. नेपाल के तराई इलाकों में भारी बारिश के बाद बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से गंडक का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे कई गांवों में लगातार पानी घुस रहा है. इससे पहले भी नेपाल की बारिश और बैराज से बढ़े डिस्चार्ज ने बिहार के नदी किनारे वाले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बिगाड़ी है.
Photo-PTI
छत्तीसगढ़ में खारुन नदी उफान पर
छत्तीसगढ़ के रायपुर में खारुन नदी का पानी बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं. सड़कें और घर डूबे हैं, कुछ जगहों पर सड़कें पूरी तरह पानी से डूबी मिलीं. रास्तों पर कमर तक पानी लगा हुआ है, इसके बावजूद जरूरत के सामानों के लिए लोग घरों से निकलने को मजबूर हैं. कई घरों में सांप घुसने की शिकायत भी सामने आई है.
Photo-ANI
ओडिशा में सड़कें कटीं, एक लाख से ज्यादा लोग शिफ्ट
ओडिशा के खुर्दा जिले के बनपुर में भारी बारिश के बाद मुख्य सड़कों पर पानी भर गया. बनपुर-बालूगांव मार्ग भी प्रभावित हुआ और धान के खेत डूब गए. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया और अधिकारियों को भोजन, पानी और दवाइयां पहुंचाने के निर्देश दिए.
यह भी पढ़ें: बिजनौर से मुरादाबाद और बरेली से फर्रुखाबाद तक खतरे की घंटी! पश्चिमी यूपी के 7 जिलों में बाढ़ की चेतावनी
राज्य के कई जिलों में राहत और बचाव अभियान चल रहा है. हाल की बारिश में निचले और संवेदनशील इलाकों से हजारों लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है.
Photo-ANI
यूपी में मुआवजे पर सरकार का फोकस
यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश और बाढ़ से प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों को मौत, पशुधन के नुकसान और संपत्ति के नुकसान का आकलन कर सहायता देने को कहा गया है. इसके साथ ही फसलों के नुकसान का भी सर्वे कराया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है.
प्रशासन ने साफ किया है कि राहत कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बारिश का दौर भले धीरे-धीरे कमजोर पड़ने के संकेत दे रहा हो, लेकिन नदियों का बढ़ता पानी अभी कई इलाकों के लिए चुनौती बना हुआ है.
aajtak.in