बाढ़ प्रभावित सात राज्यों को केंद्र की मदद, एडवांस में जारी किए ₹2,117 करोड़

लगातार बारिश और बाढ़ से प्रभावित सात राज्यों में राहत काम तेज करने के लिए केंद्र सरकार ने 2,117.85 करोड़ रुपये की एडवांस मदद मंजूर की है. इससे राज्यों को राहत और बचाव के काम में तुरंत मदद मिलेगी.

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बाढ़ की मार झेल रहे राज्यों के लिए केंद्र सरकार ने मंजूर किया बड़ा फंड. (File Photo) बाढ़ की मार झेल रहे राज्यों के लिए केंद्र सरकार ने मंजूर किया बड़ा फंड. (File Photo)

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 02 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:02 AM IST

देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश और बाढ़ से हालात मुश्किल बने हुए हैं. ऐसे समय में केंद्र सरकार ने राहत कार्यों के लिए बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने बाढ़ प्रभावित सात राज्यों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के तहत 2,117.85 करोड़ रुपये की सहायता एडवांस में जारी करने की मंजूरी दी है. सरकार का कहना है कि इससे राहत और बचाव काम बिना किसी रुकावट के जारी रखा जा सकेगा.

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राहत राशि अलग-अलग राज्यों की जरूरतों को देखकर तय की गई है. हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और नागालैंड को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली किस्त पहले ही मिल चुकी थी. अब हिमाचल को दूसरी किस्त के रूप में 193.95 करोड़ रुपये और ओडिशा को 500 करोड़ रुपये एडवांस में दिए जा रहे हैं.

वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम, गुजरात और महाराष्ट्र में हालात काफी खराब हैं. राहत काम में देरी न हो, इसलिए नियमों को थोड़ा आसान बनाया गया है. बिना किसी कागजी अड़चन के पहली किस्त तुरंत मंजूर कर दी गई है. इसके तहत गुजरात को 500 करोड़, महाराष्ट्र को 500 करोड़, असम को 379.35 करोड़ और अरुणाचल प्रदेश को 44.55 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. इस तरह सातों राज्यों के लिए कुल 2,117.85 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की गई है.

नुकसान का आकलन कर रही हैं केंद्रीय टीमें

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केंद्र सरकार ने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें (IMCT) पहले ही अरुणाचल प्रदेश और असम भेजी जा चुकी हैं. असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए वहां दो बार टीम का दौरा कराया गया है. वहीं, नागालैंड सरकार के अनुरोध पर वहां भी केंद्रीय टीम भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

सरकार का कहना है कि मानसून शुरू होने के बाद से ही सभी प्रभावित राज्यों के साथ लगातार संपर्क बना हुआ है. हालात पर नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त मदद दी जा सके. बयान में कहा गया है कि राहत, बचाव और पुनर्वास के काम में राज्यों को हर जरूरी सहयोग दिया जाएगा.
 

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