Gen Z की ‘एरा’ वाली दुनिया, हर दौर को नाम देने का क्या है कारण?

जेन जी की डिजिटल लैंग्वेज में 'एरा' सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि जिंदगी के अलग-अलग फेज को एक्सप्रेस करने का तरीका बन गया है. 'सॉफ्ट गर्ल एरा' से लेकर 'हीलिंग', 'फिटनेस' और 'सेल्फ-लव एरा' तक, हर फेज का अपना नाम है. लेकिन आखिर जेन जी को अपनी जिंदगी के हर नए फेज को 'एरा' कहना इतना पसंद क्यों है?

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लाइफ के हर दौर को एक नाम क्यों देता है जेन जी? लाइफ के हर दौर को एक नाम क्यों देता है जेन जी?

सारा सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 26 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:00 AM IST

सोशल मीडिया ने हमारी बातचीत और ट्रेंड्स के साथ-साथ खुद को देखने और अपनी जिंदगी को एक्सप्रेस करने का तरीका भी बदल दिया है. आज लोग अपनी पसंद, मूड, लाइफस्टाइल और जिंदगी के अलग-अलग फेज को एक खास नाम देने लगे हैं.

जेन जी की डिजिटल लैंग्वेज में 'एरा' इसी ट्रेंड का हिस्सा है. कोई 'सॉफ्ट गर्ल एरा' में है, तो कोई 'हीलिंग एरा', 'फिटनेस एरा' या 'सेल्फ-लव एरा' में. यानी जिंदगी का हर नया फेज अब एक नई 'एरा' बन सकता है. लेकिन आखिर जेन जी अपनी जिंदगी के हर फेज को 'एरा' का नाम क्यों देती है?

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'एरा' का मतलब क्या है?

आसान भाषा में समझें तो 'एरा' किसी की जिंदगी के एक खास फेज या दौर को बताने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यानी इस समय आपकी जिंदगी में जो चीज सबसे ज्यादा मायने रख रही है, उसे आप अपनी 'एरा' कह सकते हैं.

उदाहरण के लिए, अगर कोई इन दिनों अपनी हेल्थ और फिटनेस पर ध्यान दे रहा है, तो वो मजाकिया या कैजुअल अंदाज में खुद को 'फिटनेस एरा' में बता सकता है. इसी तरह ब्रेकअप के बाद खुद पर ध्यान देने वाला व्यक्ति अपनी जिंदगी को 'हीलिंग एरा' कह सकता है.

'सॉफ्ट गर्ल एरा' क्यों हुआ पॉपुलर?

'सॉफ्ट गर्ल एरा' इसका एक बड़ा उदाहरण है. ये सिर्फ कपड़ों या मेकअप से जुड़ा ट्रेंड नहीं है. इसमें सॉफ्टनेस, सेल्फ-केयर, आराम और अपनी खुशी को प्राथमिकता देने जैसी चीजें शामिल हैं. 2025 में प्रकाशित एक अकादमिक लेख ने भी 'सॉफ्ट गर्ल एरा'को ऐसे लाइफस्टाइल ट्रेंड के तौर पर देखा, जिसमें कम्फर्ट, हीलिंग और खुशी पर जोर दिया जाता है.

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सोशल मीडिया पर इसका एक खास विजुअल भी बन गया है-पेस्टल कलर्स, सॉफ्ट मेकअप, जर्नलिंग, सेल्फ-केयर और शांत लाइफस्टाइल. हालांकि सॉफ्ट गर्ल ट्रेंड की शुरुआत सिर्फ इसी रूप में नहीं हुई थी; समय के साथ इसका मतलब फैशन से बढ़कर लाइफस्टाइल और पर्सनल चॉइस तक पहुंच गया.

हर फेज को नाम देने की जरूरत क्यों?

जेन जी के लिए 'एरा' सिर्फ एक ट्रेंडिंग शब्द नहीं, बल्कि खुद को एक्सप्रेस करने का एक तरीका भी बन गया है. इससे किसी लंबे फेज या मूड को एक छोटे से शब्द में बताया जा सकता है. 'मैं अभी अपनी हीलिग एरा में हूं' कहना कई बार पूरी कहानी बताने से ज्यादा आसान और सोशल मीडिया-फ्रेंडली लगता है.

Meta और इंस्टाग्राम के 2024 ट्रेंड वॉक में भी भारत की जेन जी के बीच पर्सनल ग्रोथ और सेल्फ-इम्प्रूवमेंट को लेकर दिलचस्पी दिखाई गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक 43% भारतीय Gen Z ने  'सेल्फ इम्प्रूवमेंट एरा' बनाने की उम्मीद जताई थी.

यानी ‘एरा’ सिर्फ एक इंटरनेट ट्रेंड नहीं रह गया है. ये अपनी जिंदगी के अलग-अलग फेज को नाम देने, उन्हें पहचानने और सोशल मीडिया पर अपनी कहानी एक्सप्रेस करने का एक तरीका बन चुका है. कभी ये फैशन और लाइफस्टाइल से जुड़ता है, तो कभी पर्सनल ग्रोथ और सेल्फ-केयर से. लेकिन आखिर Gen Z को अपनी जिंदगी के हर नए फेज के लिए एक नई ‘एरा’ का नाम देने में इतना मजा क्यों आता है?

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