देश के 20 से ज्यादा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में नाम काटे जाने का सामना कर रहे 13 करोड़ से अधिक लोगों के लिए निर्वाचन आयोग ने विशेष घर-घर अभियान शुरू किया है. इस कैंपेन के जरिए ऐसे पात्र लोगों को वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने का एक और मौका दिया जाएगा.
निर्वाचन आयोग ने इसको लेकर सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों यानी CEOs को विशेष निर्देश जारी किए हैं. आयोग के मुताबिक, यह अभियान उन 20 से ज्यादा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चलाया जा रहा है, जहां SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.
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BLO घर-घर जाकर करेंगे वेरिफिकेशन
इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO SIR से पहले की मतदाता सूची और नई वोटर लिस्ट का मिलान करेंगे. इसके जरिए ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान की जाएगी, जिनके नाम किसी ठोस वजह या दस्तावेजों के सही मिलान और सत्यापन की प्रक्रिया के चलते छूट गए हैं. ऐसे लोग न तो अपात्र हैं और न ही स्थायी रूप से कहीं और शिफ्ट हुए हैं.
चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर BLO फिजिकल सत्यापन यानी वेरिफिकेशन करेंगे. इसी दौरान पात्र लोगों से मौके पर ही Form-6 भरवाकर उनका नाम दोबारा वोटर लिस्ट में जोड़ा जाएगा.
18-19 साल के युवाओं को भी मिलेगा मौका
अभियान के दौरान पहली बार मतदान करने वाले 18 से 19 साल की उम्र पूरी कर चुके युवाओं को भी वोटर लिस्ट में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. यानी जो युवा मतदाता सूची में शामिल होने से रह गए हैं, उन्हें भी इस कैंपेन के तहत जोड़ा जाएगा. वहीं, अगर किसी मतदाता के नाम, पते या दूसरे विवरण में कोई गलती है, तो Form-8 के जरिए उसमें सुधार का मौका दिया जाएगा.
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पारदर्शिता के लिए BLAs से साझा होगी जानकारी
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, इस विशेष अभियान से जुड़ी सूचियां राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट यानी BLAs के साथ भी साझा की जाएंगी. इसका मकसद पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है. आयोग की इस पहल के जरिए SIR के दौरान छूटे पात्र लोगों को वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने और जरूरी सुधार कराने का मौका दिया जाएगा.
संजय शर्मा