13 करोड़ लोगों को वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका, EC ने लॉन्च किया कैंपेन

निर्वाचन आयोग ने 20 से ज्यादा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में छूटे मतदाताओं के लिए घर-घर सर्वे शुरू किया है, ताकि 13 करोड़ से अधिक लोग अपना नाम फिर जुड़वा सकें. इस अभियान में बीएलओ फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के जरिए नए नाम जोड़ेंगे, गलतियां सुधारेंगे और प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए सूचियां दलों के एजेंटों से भी साझा की जाएंगी.

Advertisement
SIR के तहत कमोबेश 13 करोड़ नाम काटे जाने का दावा है. (Photo - ITG) SIR के तहत कमोबेश 13 करोड़ नाम काटे जाने का दावा है. (Photo - ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:47 PM IST

देश के 20 से ज्यादा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में नाम काटे जाने का सामना कर रहे 13 करोड़ से अधिक लोगों के लिए निर्वाचन आयोग ने विशेष घर-घर अभियान शुरू किया है. इस कैंपेन के जरिए ऐसे पात्र लोगों को वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने का एक और मौका दिया जाएगा.

Advertisement

निर्वाचन आयोग ने इसको लेकर सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों यानी CEOs को विशेष निर्देश जारी किए हैं. आयोग के मुताबिक, यह अभियान उन 20 से ज्यादा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चलाया जा रहा है, जहां SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.

यह भी पढ़ें: कर्नाटक में SIR के बीच फर्जी आपत्तियों पर शिकंजा, पहले होगी जांच फिर कानूनी कार्रवाई

BLO घर-घर जाकर करेंगे वेरिफिकेशन 

इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO SIR से पहले की मतदाता सूची और नई वोटर लिस्ट का मिलान करेंगे. इसके जरिए ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान की जाएगी, जिनके नाम किसी ठोस वजह या दस्तावेजों के सही मिलान और सत्यापन की प्रक्रिया के चलते छूट गए हैं. ऐसे लोग न तो अपात्र हैं और न ही स्थायी रूप से कहीं और शिफ्ट हुए हैं.

Advertisement

चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर BLO फिजिकल सत्यापन यानी वेरिफिकेशन करेंगे. इसी दौरान पात्र लोगों से मौके पर ही Form-6 भरवाकर उनका नाम दोबारा वोटर लिस्ट में जोड़ा जाएगा.

18-19 साल के युवाओं को भी मिलेगा मौका

अभियान के दौरान पहली बार मतदान करने वाले 18 से 19 साल की उम्र पूरी कर चुके युवाओं को भी वोटर लिस्ट में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. यानी जो युवा मतदाता सूची में शामिल होने से रह गए हैं, उन्हें भी इस कैंपेन के तहत जोड़ा जाएगा. वहीं, अगर किसी मतदाता के नाम, पते या दूसरे विवरण में कोई गलती है, तो Form-8 के जरिए उसमें सुधार का मौका दिया जाएगा.

यह भी पढ़ें: 'बंगाल में बीजेपी ने SIR से वोट काटकर जीता चुनाव', ममता बनर्जी का आरोप

पारदर्शिता के लिए BLAs से साझा होगी जानकारी

निर्वाचन आयोग के मुताबिक, इस विशेष अभियान से जुड़ी सूचियां राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट यानी BLAs के साथ भी साझा की जाएंगी. इसका मकसद पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है. आयोग की इस पहल के जरिए SIR के दौरान छूटे पात्र लोगों को वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने और जरूरी सुधार कराने का मौका दिया जाएगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »