पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चुनाव आयोग पर चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि सुरक्षाकर्मियों ने बंगाल में घर-घर जाकर लोगों को तृणमूल कांग्रेस (TMC) को वोट न देने की सीधी धमकी दी.
ममता ने दावा किया कि उनके राज्य में 92 लाख और पूरे देश में 13 करोड़ वोट काटे गए. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले ही वोट काटकर चुनाव जीत लिया गया और उनकी चुनी हुई सरकार को राष्ट्रपति शासन जैसा बना दिया गया.
मुझे साजिश कर हराया: ममता
ममता बनर्जी ने अपने खुद के विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि वो 15 हजार वोटों की बढ़त से जीत रही थीं, लेकिन उन्हें खुद साजिश के तहत हराया गया. उन्होंने बताया कि नादिया सीट पर टीएमसी 20 हजार वोटों से जीती थी, लेकिन एसआईआर (SIR) के जरिए वहां 4 लाख वोट काट दिए गए. ममता ने आरोप लगाया कि जिस भी क्षेत्र में पार्टी जितने मतों से जीती थी, उससे चार गुना ज्यादा वोट काट दिए गए.
CEC पर कसा तंज
मतदाताओं के नाम गायब होने पर कड़ा रुख अपनाते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'वैनिश कुमार' कहती हैं. उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर वोट काटने का यही खेल महाराष्ट्र में भी दोहराया गया था, मगर वहां के लोग इसे समय रहते पकड़ नहीं पाए. उन्होंने ये भी चिंता जताई कि एसआईआर लिस्ट से जिनका नाम काटा गया है, उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
4000 EVM को लगाई आग
साथ ही ममता ने आरोप लगाया कि 4000 ईवीएम मशीनों में आग लगा दी गई. उन्होंने कहा कि 10 मंजिला इमारत होने के बावजूद केवल 6 और 7वें फ्लोर पर ही आग लगी. इसके अलावा उन्होंने राज्यपाल के मुद्दे पर कहा कि गवर्नर को हटाया गया और उन्हें रहने की जगह तक नहीं दी गई, जिसके बाद उन्होंने स्वयं जगह उपलब्ध कराई.
श्रेया चटर्जी