पोस्टरों में उतरी डिंपल यादव की संवेदनाएं... सपा मुख्यालय पर लगे संघर्ष वाले बैनर का क्या है पॉलिटिकल संदेश   

Dimple Yadav News: दिल्ली में छात्रों के समर्थन में हुए प्रदर्शन के बाद सांसद डिंपल यादव की संवेदनशील तस्वीरें अब लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी मुख्यालय के पोस्टरों में नजर आ रही हैं. घायल छात्र की मदद और आंदोलन में सक्रिय भूमिका को सपा ने पोस्टरों के जरिए प्रमुखता दी है. अखिलेश यादव के संघर्ष वाले पोस्टर भी लगाए गए हैं. इसे युवाओं के बीच राजनीतिक संदेश देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.

Advertisement
लखनऊ में सपा मुख्यालय के बाहर डिंपल यादव के पोस्टर और बैनर लग गए हैं (Photo: Social Media लखनऊ में सपा मुख्यालय के बाहर डिंपल यादव के पोस्टर और बैनर लग गए हैं (Photo: Social Media

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:26 PM IST

राजनीति में कई बार भाषणों से ज्यादा असर तस्वीरें छोड़ जाती हैं. समाजवादी पार्टी (सपा) इन दिनों कुछ ऐसा ही करने की कोशिश करती नजर आ रही है. दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान सांसद डिंपल यादव की मौजूदगी और उनके घायल छात्रों की मदद करते हुए वायरल हुए वीडियो के बाद अब उसी घटनाक्रम को सपा ने अपने राजनीतिक संदेश का हिस्सा बना दिया है.

Advertisement

लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी मुख्यालय के बाहर लगे नए पोस्टर चर्चा में हैं. इन पोस्टरों में डिंपल यादव आंदोलनकारी छात्रों के बीच संघर्ष करती दिखाई दे रही हैं, जबकि दूसरे पोस्टरों में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके साथ हुई धक्का-मुक्की के दृश्य भी लगाए गए हैं. सपा के नए पोस्टरों को पार्टी के राजनीतिक संदेश और छात्र-युवा वर्ग तक पहुंचने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.

वायरल वीडियो के बाद बदला नैरेटिव

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था. वीडियो में डिंपल यादव एक घायल छात्र के पास बैठी दिखाई देती हैं. वह छात्र की शर्ट के बटन खोलती हैं ताकि उसे सांस लेने में दिक्कत न हो और आसपास मौजूद लोगों से तत्काल मदद करने की अपील करती नजर आती हैं. एक अन्य वीडियो मे वह एक घायल लड़की को पानी पिलाती दिखी.  इस वीडियो के वायरल होने के बाद समर्थकों ने इसे डिंपल यादव का संवेदनशील और मानवीय चेहरा बताया. सोशल मीडिया पर भी इस वीडियो को व्यापक रूप से साझा किया गया. अब सपा उसी भावनात्मक संदेश को पोस्टरों के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है.

Advertisement

क्या था पूरा घटनाक्रम

दो दिन पहले नीट (NEET) से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में विपक्षी सांसद संसद से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे. समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी अपने दल के सांसदों के साथ इस मार्च में शामिल हुईं. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया. इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई. इसके बाद कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया गया. आंदोलन के दौरान कई छात्रों को चोटें भी आईं. जिनकी मदद सांसद ने की. 

डिंपल यादव ने क्या कहा

दिल्ली में हुए घटनाक्रम के बाद डिंपल यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब वह जंतर-मंतर पहुंचीं तो देखा कि छात्र अपने साहस के साथ सड़कों पर आए थे, लेकिन पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही थी. डिंपल यादव ने सवाल उठाया कि भाजपा जिस 'रामराज्य' की बात करती है, क्या उसमें छात्रों पर इस तरह कार्रवाई होना उचित है. उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए. समाजवादी पार्टी का कहना है कि डिंपल यादव के नेतृत्व में पार्टी के कई सांसद आंदोलन स्थल पर डटे रहे. पार्टी के मुताबिक, इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने डिंपल यादव समेत कई सांसदों को हिरासत में लिया गया था. सपा का आरोप है कि आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसमें कई छात्र घायल हुए.

Advertisement

छात्रों के मुद्दे पर सियासी संदेश

समाजवादी पार्टी लगातार यह कह रही है कि परीक्षा प्रणाली पारदर्शी होनी चाहिए और छात्रों के भविष्य के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए. पार्टी की मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो, परीक्षाएं निष्पक्ष हों, चयन प्रक्रिया पारदर्शी हो और युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखा जाए. पोस्टरों में भी इसी संदेश को प्रमुखता से उभारा गया है.

पोस्टर क्यों बने चर्चा का विषय

राजनीतिक दल अक्सर बड़े आंदोलनों या चर्चित घटनाओं के बाद पोस्टरों के जरिए अपना संदेश जनता तक पहुंचाते हैं. इस बार भी सपा ने दिल्ली के प्रदर्शन से जुड़े दृश्यों को लखनऊ तक पहुंचाकर यह दिखाने की कोशिश की है कि पार्टी छात्रों के मुद्दों को प्रमुखता दे रही है. राजनीति के जानकार मानते हैं कि तस्वीरें और दृश्य कई बार लंबे भाषणों से ज्यादा असर छोड़ते हैं. डिंपल यादव का घायल छात्र की मदद करते हुए सामने आया वीडियो पहले ही सोशल मीडिया पर चर्चा में था. अब उसी घटनाक्रम को पार्टी ने अपने संगठनात्मक प्रचार का हिस्सा बना दिया है.

युवाओं पर फोकस क्यों

उत्तर प्रदेश की राजनीति में युवा मतदाता हमेशा अहम भूमिका निभाते रहे हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रियाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं. ऐसे में सपा अपने पोस्टरों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वह युवाओं के साथ खड़ी है. पार्टी का मानना है कि सड़क पर संघर्ष की तस्वीरें राजनीतिक संदेश को अधिक प्रभावी बना सकती हैं.

Advertisement

दिल्ली से लखनऊ तक पहुंचा संदेश

दिल्ली में छात्रों के समर्थन में हुए प्रदर्शन की गूंज अब लखनऊ में सपा मुख्यालय के बाहर लगे पोस्टरों तक पहुंच गई है. पार्टी ने आंदोलन के दृश्यों को केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें पोस्टरों के जरिए संगठनात्मक अभियान का हिस्सा भी बना दिया. इन पोस्टरों में एक तरफ डिंपल यादव का आंदोलनकारी छात्रों के बीच का दृश्य है तो दूसरी ओर अखिलेश यादव के संघर्ष की तस्वीरें. इससे साफ है कि सपा फिलहाल छात्र और युवा मुद्दों को अपनी राजनीति के केंद्र में रखने की कोशिश कर रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »