राजधानी दिल्ली में CJP और छात्र संगठनों के हिंसक प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने उपद्रवियों और हिंसा के मास्टमाइंड्स पर शिकंजा कसने के लिए बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है. दिल्ली पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस हिंसा में आखिरकार कौन-कौन शामिल था.
इसके लिए पुलिस एडवांस्ड फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फॉरेंसिक टूल्स का सहारा ले रही है. पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के 5 प्रमुख थानों में कानून-व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न हिंसक घटनाओं को लेकर अब तक कुल 10 एफआईआर (FIRs) दर्ज की हैं-
- संसद मार्ग थाना – 4 FIR
- सीपी थाना – 3 FIR
- मंदिर मार्ग थाना – 1 FIR
- बाराखंभा रोड थाना – 1 FIR
- कर्तव्य पथ थाना – 1 FIR
पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान हुई विभिन्न घटनाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में ये FIR दर्ज की गई हैं. मामलों की जांच जारी है.
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डिजिटल साक्ष्यों से ऐसे हो रही चेहरों की पहचान
जांच एजेंसियां हिंसा स्थल (जंतर-मंतर, संसद मार्ग, आउटर सर्किल) पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों, पुलिस बॉडी कैमरों, ड्रोन फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल हुए दर्जनों वीडियो को खंगाल रही हैं. वीडियो फुटेज में नजर आ रहे संदिग्धों के चेहरों को पुलिस FRS सॉफ्टवेयर के जरिए अपने उपलब्ध डेटाबेस से मैच कर रही है.
जांच एजेंसियां हिंसा के दौरान मौजूद चेहरों का मिलान उपलब्ध डाटाबेस से कर रही हैं ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हिंसा पहले से सुनियोजित थी या नहीं, और क्या इसके पीछे किसी संगठन या राजनीतिक साजिश का कोई लिंक है.
सूत्रों के मुताबिक, अब तक दर्ज एफआईआर के आधार पर वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है. जिन लोगों की पहचान होगी, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का कहना है कि हिंसा फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसकी पहचान कुछ भी हो.
हिमांशु मिश्रा