वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस और सत्ता पक्ष के बीच विवाद जारी है. इस मुद्दे को लेकर बुधवर को कांग्रेस कार्यसमिति में चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कई नेताओं ने 1937 के पार्टी के स्टैंड को दोहराया. इसका मतलब ये है कि कांग्रेस 1937 के वर्जन (पहले दो पैरा) को ही अपने कार्यक्रमों में गाएगी.
CWC की बैठक में 88 से ज्यादा सदस्य मौजूद थे, जिसमें मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कार्यसमिति सदस्य भी शामिल थे. इस दौरान कांग्रेस ने कहा, 'वंदे मातरम और राष्ट्रगान हमारे लिए इमोशनल हैं, लेकिन BJP के लिए ये पॉलिटिकल है.'
बैठक के बाद हुई पत्रकार वार्ता में राज्यसभा सांसद और कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, 'वंदे मातरम पर एक प्रस्ताव पारित किया गया था. जब उस प्रस्ताव को पारित किया गया तो CWC की बैठक में महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, मौलाना आजाद, गोविंद वल्लभ पंत, आचार्य नरेंद्र देव और अन्य नेता मौजूद थे.'
'हमारा स्टैंड पहले दिन से बिल्कुल साफ'
जयराम रमेश ने आगे कहा, 'रबींद्रनाथ टैगोर की सलाह से ही वो प्रस्ताव पारित किया गया था और आज उस पर चर्चा हुई. कांग्रेस अध्यक्ष ने उस प्रस्ताव के कुछ अंश भी पढ़ें. इसमें कोई विवाद नहीं है, इसे मुद्दा बनाया जा रहा है. हमारा स्टैंड पहले दिन से बिल्कुल साफ रहा है, 28 अक्टूबर 1937 का जो वर्जन है, 24 जनवरी 1950 संविधान सभा के आखिरी बैठक में, डॉ.राजेंद्र प्रसाद ने दोहराया था कि जन-गन-मन राष्ट्रीय गान होगा और वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत होगा.;
परिसीमन पर कांग्रेस का रुख साफ
आगामी परिसीमन प्रक्रिया पर रुख साफ करते हुए कांग्रेस ने कहा कि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है. पार्टी की मांग है कि लोकसभा में कुल सीटों की संख्या 543 पर ही फ्रीज रखी जानी चाहिए.
CWC की बैठक में 4 प्रमुख मुद्दों पर चर्चा
कार्यसमिति की बैठक में चार राष्ट्रीय विषयों पर आगे का रोडमैप तैयार किया गया.
पेपर लीक और युवा प्रदर्शन: नीट और दूसरी परीक्षाओं में धांधली को लेकर छात्रों के आंदोलन पर सरकार के रुख की निंदा की गई. संसद में सरकार को घेरने के बाद अब पार्टी देश के 800 से ज्यादा शहरों में 'छात्रों की गूंज' अभियान चलाएगी.
'चंदा चोरी' का मुद्दा: आर्थिक गड़बड़ियों और चंदा जुटाने की प्रक्रिया पर पार्टी बूथ और जमीनी स्तर पर जनता के बीच जाएगी.
अरुणाचल में चीन का अतिक्रमण: अरुणाचल प्रदेश में चीनी गतिविधियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना गया.
शिक्षा नीति में बदलाव: कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से राज्य स्तरीय शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस योजना मांगी गई है.
हल्द्वानी घटना पर पीएम मोदी से मांगी सीधी माफी
कांग्रेस ने हल्द्वानी घटना को लेकर बीजेपी पर हमला बोला. केसी वेणुगोपाल ने इस दौरान कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद जो व्यवहार हुआ, वो पूरी तरह से अस्वीकार्य है.
यह भी पढ़ें: वंदे मातरम की जगह बजा लता मंगेशकर का गाना, एकनाथ शिंदे को मांगनी पड़ी माफी, VIDEO
नेताओं ने कहा कि 13 बार सदन के सदस्य रहे पार्टी अध्यक्ष के साथ ऐसा व्यवहार संघ की 'उच्च जातीय मानसिकता' को दिखाता है. कांग्रेस ने इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग की है.
राहुल गौतम / मौसमी सिंह