कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक गुरुवार को नई दिल्ली स्थित बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ऑफिस के बाहर सुबह 10 बजे मनन मिश्रा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे. ये प्रदर्शन नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ (NALSAR) नामांकन में BCI के हस्तक्षेप से जुड़े विवाद के कारण आयोजित किया जा रहा है. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक सौरव दास ने बुधवार को यह जानकारी दी.
वहीं, ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन द्वारा बुलाए गए इस प्रदर्शन में बीसीआई अध्यक्ष मनन मिश्रा के इस्तीफे की सीधी मांग रखी जाएगी. कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन को जवाबदेही तय करने के लिए अपना पूरा समर्थन दिया है.
NALSAR विवाद पर BCI चेयरमैन के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शनकारी नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ में छात्रों के नामांकन मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के हस्तक्षेप को लेकर नाराजगी जता रहे हैं. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास ने बुधवार को बताया कि 'लीगल कॉकरोच' एकजुट हो गए हैं. वो सभी बीसीआई चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे.
ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन का प्रदर्शन आह्वान
सौरव दास ने स्पष्ट किया कि इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन ने किया है. उन्होंने कहा कि वो हर उस शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन करते हैं जो जवाबदेही मांगता है और पद पर आचरण के उच्च मानक स्थापित करता है. इसके अलावा प्रतिष्ठित बॉम्बे बार एसोसिएशन ने भी मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग की है.
ये शांतिपूर्ण प्रदर्शन आज सुबह 10 बजे नई दिल्ली में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यालय में होगा. प्रदर्शनकारी बीसीआई चेयरमैन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पद छोड़ने का दबाव बनाएंगे.
क्या है विवाद
आपको बता दें कि ये पूरा तब शुरू हुआ जब NALSAR के कुछ छात्रों ने यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार और प्रोफेसरों को पत्र लिखकर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाने के प्रस्ताव का विरोध किया.
BCI ने शुरू में राज्य बार काउंसिलों को निर्देश दिया था कि वह NALSAR के मौजूदा ग्रेजुएट होने वाले बैच के किसी भी छात्र को वकील के तौर पर एनरोल न करें. मिश्रा ने कहा था कि काउंसिल दीक्षांत समारोह में CJI की भागीदारी के खिलाफ अभियान से जुड़े आरोपों की जांच कर रही थी और उसने कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों की पहचान करने वाली रिपोर्ट मांगी थी.
वहीं, कानूनी क्षेत्र के सदस्यों की आलोचना के बाद कुछ ही घंटों में ये निर्देश वापस ले लिया गया. बाद में जारी एक संशोधित आदेश में स्पष्ट किया गया कि छात्रों का बड़ा हिस्सा निर्दोष था और उन्हें कुछ लोगों के कथित गलत व्यवहार के लिए सजा नहीं दी जानी चाहिए. हालांकि, बाद में CJI सूर्यकांत ने BCI की कार्रवाई की आलोचना की और इस मामले को छात्रों और अपने बीच की बातचीत बताया. इसके बाद NALSAR, बेंगलुरु के ग्रेजुएट होने वाले छात्रों, मौजूदा छात्रों और पूर्व छात्रों ने भी एक संयुक्त बयान जारी कर माफी की मांग की और अपने दीक्षांत समारोह में BCI चेयरमैन और CJI की मौजूदगी का विरोध किया.
मनन मिश्रा ने व्यक्त किया खेद
इसके बाद स्वतंत्रता दिवस पर जारी एक बयान में मनन मिश्रा ने कहा कि अगर उनकी किसी बात या संदेश से छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह खेद व्यक्त करते हैं.
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