बार काउंसिल ऑफ इंडिया (Bar Council of India) भारत में वकीलों और कानूनी पेशे से संबंधित एक प्रमुख वैधानिक संस्था है. इसका गठन अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के तहत किया गया था. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है. यह संस्था देश में कानूनी शिक्षा और वकालत से जुड़े विभिन्न मामलों के लिए नियम और मानक निर्धारित करने का काम करती है.
बार काउंसिल ऑफ इंडिया का संबंध देश की राज्य बार काउंसिलों से भी है. भारत के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्य बार काउंसिल कार्य करती हैं, जबकि बार काउंसिल ऑफ इंडिया राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी पेशे से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं को देखती है.
वकालत करने के लिए कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद योग्य व्यक्ति को संबंधित राज्य बार काउंसिल में अपना नाम दर्ज कराना होता है. इसके बाद अखिल भारतीय बार परीक्षा यानी ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) भी कानूनी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस परीक्षा से संबंधित नियम और व्यवस्था बार काउंसिल ऑफ इंडिया के दायरे में आते हैं.
बार काउंसिल ऑफ इंडिया कानूनी शिक्षा देने वाले लॉ कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लिए भी नियम और मानक तय करती है. एलएलबी और अन्य कानून पाठ्यक्रमों से जुड़े संस्थानों की मान्यता और निरीक्षण की प्रक्रिया भी इसके कार्यक्षेत्र का हिस्सा हो सकती है.
संस्था में विभिन्न राज्य बार काउंसिलों से चुने गए प्रतिनिधि शामिल होते हैं. बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन और अन्य पदाधिकारी संगठन के प्रशासनिक और कानूनी कार्यों से जुड़े मामलों को संभालते हैं.
भारत की न्यायिक और कानूनी व्यवस्था में बार काउंसिल ऑफ इंडिया वकीलों, कानूनी शिक्षा, पेशेवर आचरण और वकालत से संबंधित नियमों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण वैधानिक संस्था के रूप में कार्य करती है.
देश की कई प्रमुख यूनिवर्सिटीज में इस वर्ष दीक्षांत समारोह विवादों का केंद्र बन गए हैं. बेंगलुरु के NLSIU ने मुख्य अतिथि के चयन के विरोध में 34वां वार्षिक दीक्षांत समारोह रद्द कर दिया है. छात्रों और पूर्व छात्रों ने CJI सूर्यकांत और BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की उपस्थिति का विरोध किया, इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं. आइए जानते हैं इसकी इनसाइड स्टोरी.
बीसीआई के को-चेयरमैन ने बीसीआई के चेयरमैन मनन मिश्रा को पत्र लिखकर इस्तीफे की मांग की है. आरोप लगाया गया है कि काउंसिल में नियुक्तियां बिना किसी पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के की गईं.
नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी और ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन मिश्रा के खिलाफ आज विरोध प्रदर्शन करेंगे.
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के 2026 बैच के छात्रों के एडवोकेट के तौर पर एनरोलमेंट पर लगी रोक वापस ले ली है.
BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने NALSAR विवाद के कारण नाराज कानून छात्रों से माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि छात्रों की भावनाओं का सम्मान जरूरी है. उन्होंने इस विवाद को राजनीतिक रंग न देने की अपील की.