CJI सूर्यकांत का 'न्याय की सेना' वाला मंत्र, बोले- हर जरूरतमंद तक पहुंचे इंसाफ

इंदौर में नालसा के पश्चिमी क्षेत्रीय सम्मेलन में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि न्याय तक पहुंच की शुरुआत बातचीत से होती है, कानूनी मदद सिर्फ मामलों के निपटारे तक सीमित नहीं होनी चाहिए और हर जरूरतमंद को सम्मान के साथ इंसाफ मिलना चाहिए.

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चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत (Photo- ITG) चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:34 AM IST

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा है कि न्याय तक असरदार पहुंच के लिए बातचीत, गरिमा और सबको साथ लेकर चलना बहुत जरूरी है. उनका कहना है कि कानूनी मदद का मकसद सिर्फ मामलों का निपटारा करना नहीं, बल्कि लोगों के साथ सम्मानजनक बर्ताव सुनिश्चित करना भी है. उन्होंने कहा कि हर जरूरतमंद तक इंसाफ पहुंचना चाहिए. इस दौरान उन्होंने लीगल वॉलंटियर्स को "न्याय की सेना" बताया.

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इंदौर में शनिवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, यानी नालसा, के पश्चिमी क्षेत्रीय सम्मेलन में बोलते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि न्याय तक पहुंच की शुरुआत संवाद से होती है. उन्होंने कहा, "न्याय तक पहुंच बातचीत से शुरू होती है और लोगों की खास समस्याओं के हिसाब से समाधान दिया जाना चाहिए." उनके मुताबिक अलग-अलग समुदायों की शिकायतें और मुश्किलें उनकी अपनी भाषाओं में सुनी जानी चाहिए.

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लीगल वॉलंटियर्स को सीजेआई ने बताया "न्याय की सेना"

सीजेआई ने कानूनी सेवा प्राधिकरणों से जुड़े स्वयंसेवकों को "न्याय की सेना" का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि ये स्वयंसेवक सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं. उन्होंने उनसे अपील की कि वे पीड़ितों को ऐसे तरीके से न्याय दिलाने में मदद करें, जिसमें गरिमा बनी रहे और सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो.

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सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज भी मौजूद रहे. इस सम्मेलन में न्यायपालिका के वरिष्ठ सदस्य, सरकार के प्रतिनिधि और कानूनी सेवा संस्थानों से जुड़े अधिकारी शामिल हुए. कार्यक्रम का मकसद न्याय तक पहुंच को और मजबूत बनाने से जुड़ी बातों पर चर्चा करना रहा.

सीएम मोहन यादव ने बताया न्याय के मोर्चे पर आए कई बदलाव

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आधुनिक तकनीक की वजह से न्याय व्यवस्था में बड़े बदलाव आए हैं. उन्होंने कहा, "ई-फाइलिंग, डिजिटल रिकॉर्ड, 'वन डाटा-वन केस' तरीका, वर्चुअल सुनवाई और आधुनिक न्यायिक प्रबंधन जैसे सिस्टम के जरिए न्यायिक ढांचे को नया रूप दिया जा रहा है." उन्होंने इसे न्याय व्यवस्था में हो रहे बदलावों का अहम हिस्सा बताया.

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मोहन यादव ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सदियों पुराने औपनिवेशिक दौर के कानूनों की जगह नए कानून बनाए गए हैं. इंदौर में हुए इस सम्मेलन से सीजेआई सूर्यकांत का संदेश साफ रहा कि न्याय सिर्फ मामलों के निपटारे तक सीमित नहीं है. लोगों की बात सुनी जाए, उन्हें सम्मान मिले और हर जरूरतमंद तक इंसाफ पहुंचे, इसी बात पर उन्होंने जोर दिया.

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