चेन्नई में 45 फीट गहरे कुएं की सफाई करने उतरे पिता-बेटे की मौत, जहरीली गैस से दम घुटने की आशंका

45 फीट गहरे कुएं में पिता और बेटा सफाई करने उतरे थे, कुएं की गहराई में कुछ ही देर में दोनों की तबियत बिगड़ी और दम घुटने से मौके पर ही मौत हो गई.

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कुएं में सफाई करने उतरे दो मजदूरों की जान चली गई कुएं में सफाई करने उतरे दो मजदूरों की जान चली गई

प्रमोद माधव

  • चेन्नई,
  • 26 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 6:50 PM IST

चेन्नई से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक गहरे कुएं में सफाई करने उतरे पिता और बेटे की मौत हो गई. दोनों कुएं में सफाई करने उतरे थे, बताया जा रहा है कि अंदर जहरीली गैस की चपेट में आने से उनकी जान चली गई. ये हादसा यानई कवुनी के पोनप्पन स्ट्रीट इलाके में हुआ है. जानकारी के मुताबिक, 45 फीट गहरे कुएं में मलबा साफ करने के लिए दो मजदूर नीचे उतरे थे.

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काम के दौरान दोनों को अचानक सांस लेने में परेशानी होने लगी. इसके बाद दोनों बेहोश हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों की पहचान 35 वर्षीय अय्यानार और उनके 65 वर्षीय पिता रवि के तौर पर हुई है और दोनों कोडुंगैयूर के रहने वाले थे.

दमकल टीम ने कुएं से निकाले शव
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल और बचाव सेवा की टीम मौके पर पहुंची. बचावकर्मियों ने दोनों के शवों को कुएं से बाहर निकाला. इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल भेज दिया गया. पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. शुरुआती जानकारी में जहरीली गैस के कारण दम घुटने को मौत की वजह माना जा रहा है.

यह भी पढ़ें: सीवर बना मौत का कुआं! फरीदाबाद में सफाई करते-करते दो कर्मियों की दम घुटने से मौत

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हालांकि तमिलनाडु में जहरीली गैस के कारण सफाईकर्मियों की मौत का यह पहला मामला नहीं है. अप्रैल 2022 में चेन्नई के तिरुमुल्लाइवॉयल इलाके में पानी की टंकी की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हुई थी, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हुआ था. इसी तरह अगस्त 2024 में चेन्नई के पास अवाडी में 25 वर्षीय सफाईकर्मी गोपीनाथ की ड्रेनेज की सफाई के दौरान जहरीली गैस की वजह से मौत हो गई थी.

सुरक्षा इंतजाम पर उठे सवाल                                                                                                                                               इस हादसे के बाद गहरे कुएं में मजदूरों को उतारने से पहले जरूरी सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. ऐसे स्थानों पर ऑक्सीजन की कमी या जहरीली गैस की मौजूदगी का खतरा रहता है. इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बिना मजदूरों को कुएं में भेजा गया था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है. ये मामले यही दर्शाते हैं कि आज भी मजदूरों और सफाईकर्मीयों के सुरक्षा इंतजाम को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी है. 

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जरूरी उपकरणों और सुरक्षा इंतजाम से लगातार आ रहे ऐसे मामले पर रोक लगाई जा सकती है. एक ही परिवार के पिता और बेटे की इस तरह हुई मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है.

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