उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने झारखंड की जेएमएम-कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर सरकार को 'तानाशाही' करार दिया. अवधेश प्रसाद ने कहा कि सरकार अड़ियल रुख अपना रही है और लोकतंत्र में इसकी कोई जगह नहीं है. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि इस अन्याय के लिए सरकार को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.
अवधेश प्रसाद ने कहा कि झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन सरकार ने उन पर पुलिस बल का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि यह कदम पूरी तरह गलत और अलोकतांत्रिक है. उनके मुताबिक छात्रों का हित सबसे ऊपर होना चाहिए और सरकार को अपनी जिद छोड़कर उनकी मांगों पर ध्यान देना चाहिए.
अवधेश प्रसाद ने संसद सत्र को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन चलाने की पूरी कोशिश कर रहा है, लेकिन सरकार सत्र को सुचारू रूप से चलने ही नहीं दे रही. उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है, जहां किसान, छात्र, व्यापारी और आम जनता की समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन सरकार के पास इसके लिए न कोई ठोस योजना है और न ही नीयत.
महिला आरक्षण बिल पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह बिल पहले ही पास हो चुका है, लेकिन इससे जुड़े कानून व्यवहार में लागू नहीं हो रहे हैं. डिलिमिटेशन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के भीतर अभी तालमेल नहीं बन पा रहा है, इसलिए इस पर कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता.
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तृणमूल कांग्रेस के तीन सांसदों की एनडीए बैठकों से दूरी पर उन्होंने कहा कि शायद वे भाजपा के भीतरी हालात को समझ चुके हैं, इसलिए दूरी बनाए रखना चाहते हैं. उन्होंने झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं रद्द होने और सदस्यों के इस्तीफे को छात्रों की जीत बताया.
अकाली दल और भाजपा की नजदीकी पर उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं होता, संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं. कांग्रेस नेता शशि थरूर के बयान पर प्रतिक्रिया देने से उन्होंने यह कहकर परहेज किया कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है.
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के 39 पदक जीतने पर उन्होंने खिलाड़ियों की तारीफ की. वहीं एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में टर्बुलेंस से क्रू के घायल होने और अयोध्या की फ्लाइटें रद्द होने पर उन्होंने सिविल एविएशन व्यवस्था पर सवाल उठाए.
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