देश भर के विभिन्न हिस्सों में हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने भयंकर तबाही मचा रखी है. असम-गुजरात के बाद अब ओडिशा में बाढ़ का कहर नजर आ रहा है. ओडिशा के उत्तर-पूर्वी जिलों में गहरे दबाव के कारण हुई मूसलाधार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कई इलाकों में पानी भर गया और बाढ़ आ गई है. जिसके चलते एक लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया जा रहा है.
दूसरी ओर असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है, जहां 7 जिलों के 3.32 लाख लोग अभी-भी प्रभावित हैं. इसी तरह हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश से हुए लैंडस्लाइड के कारण 108 सड़कें बंद हो गईं और चारधाम यात्रा दो दिनों के लिए स्थगित कर दी गई है. वहीं, दिल्ली में भारी बारिश से जलभराव हुआ और तीन साल का सबसे ठंडा जुलाई का दिन दर्ज किया गया.
ओडिशा के लिए अगले 24 घंटे नाजुक
ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने समीक्षा बैठक के बाद बताया कि गहरे दबाव के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों के लिए अगले 24 घंटे बेहद नाजुक हैं. क्योनझर, सुंदरगढ़ और संबलपुर को भी संवेदनशील घोषित किया गया है. ओड्राफ (ODRAF), एनडीआरएफ (NDRF) और अग्निशमन सेवाएं राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं. मुख्य सचिव अनु गर्ग ने स्थिति की निगरानी के लिए तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को तैनात किया है.
बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां पका हुआ भोजन, सूखा राशन और शिशु आहार दिया जा रहा है. सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की रात्रि गश्त बढ़ा दी गई है. बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, सुंदरगढ़ और क्योंझर जिलों में सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं. जल संसाधन विभाग के अनुसार, महानदी पर बने हीराकुड बांध के डिस्चार्ज गेट बंद रखे गए हैं.
असम में बाढ़ से 75 लोगों की मौत
असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. शिवसागर जिले के नजीरा राजस्व चक्र से 7 नई मौतों की पुष्टि की है, जिससे बाढ़ से मरने वालों की संख्या 75 हो गई है.
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, 7 जिलों के 622 गांवों के 3,32,639 लोग अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं. चराईदेव जिला सबसे अधिक प्रभावित है. राज्य में 81 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं. सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं.
हिमाचल में लैंडस्लाइड
इसी तरह हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में लगभग एक दर्जन वाहन और कई घर मलबे के नीचे दब गए. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण 108 सड़कें बंद हो गई हैं. मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में अचानक बाढ़ और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
चारधाम यात्रा स्थगित
इसके अलावा उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने सुरक्षा के लिहाज से चारधाम यात्रा को मंगलवार और बुधवार के लिए स्थगित कर दिया है.
वहीं, दिल्ली में मंगलवार को हुई भारी बारिश से सड़कें और बाजार जलमग्न हो गए. मंगलवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो तीन सालों में जुलाई महीने का सबसे ठंडा दिन रहा. नोएडा के सेक्टर 16 में डिवाइडर गिरने से एक बाइक सवार घायल हुआ है फुल स्टॉप इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी बारिश से जलभराव और यातायात प्रभावित हुआ है.
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