असम में उफान पर नदियां, 10 लोगों की मौत, 3.62 लाख लोग प्रभावित; बिगड़े हालात

असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. राज्य के 15 जिलों में 3.62 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं, जबकि 10 लोगों की मौत हो चुकी है. राहत और बचाव कार्य जारी है और जलभराव के कारण कई ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं.

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असम में बाढ़ ने कहर मचा कर रखा है. (File photo: ITG) असम में बाढ़ ने कहर मचा कर रखा है. (File photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:00 PM IST

असर के कई जिलों में बाढ़ का कहर जारी है. राज्य के 3.62 लाख से अधिक लोग इससे प्रभावित हैं. स्थिति से निपटने के लिए सेना, नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स, स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज और जिला प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं.

असम राज्य आपदा कंट्रोल अथॉरिटी के अनुसार, शिवसागर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, यहां करीब 1.58 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं. जिले में दिखौ नदी का वॉटर लेवल 'एक्सट्रीम फ्लड लेवल' से ऊपर बह रहा है. लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने की अपील की है.

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अधिकारियों के मुताबिक, बिस्वनाथ, कछार, चराइदेव, चिरांग, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कार्बी आंगलोंग, नगांव, शिवसागर, तिनसुकिया और उदालगुड़ी जिलों में कुल 3.62 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. बचाव के लिए 11 जिलों में 101 राहत शिविर केंद्र बनाए गए हैं, जहां 9,606 बेघर लोग शरण लिए हुए हैं. इस साल बाढ़ से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चराइदेव और कार्बी आंगलोंग जिलों में दो लोग लापता बताए जा रहे हैं.

इन चीजों पर पड़ रहा है असर

बाढ़ का असर रेलवे पर भी पड़ा है.न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे ने शिवसागर जिले के सिमालुगुड़ी कस्बे के आसपास जलभराव के कारण सिमालुगुड़ी-नामटियाली और सिमालुगुड़ी-सेलेंघाट रेलखंड पर ट्रेन संचालन अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है.

स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा

NFR ने यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है.अधिकारियों के अनुसार, ये स्पेशल ट्रेनें शुक्रवार तक चलेंगी. इसके अलावा, मरियानी और गुवाहाटी के बीच कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों का रेगुलर संचालन भी जारी है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बचाव कार्यों की निगरानी के लिए कैबिनेट मंत्रियों को प्रभावित जिलों में तैनात किया गया है. वहीं, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सांसदों और विधायकों को भी मौके पर रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं.

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