सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ हेट स्पीच के आरोपों में एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है.
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सीपीएम नेता वृंदा करात की तरफ से दायर रिव्यू पिटीशन को खारिज करते हुए अपने पहले के फैसले को बरकरार रखा. याचिका में अनुरोध किया गया था कि दोनों नेताओं के खिलाफ कथित भड़काऊ भाषणों के मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया जाए.
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इससे पहले अप्रैल 2026 में भी सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले में दोनों नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को ठुकरा दिया था. अब पुनर्विचार याचिका भी खारिज होने के बाद दोनों नेताओं को मिली राहत बरकरार रहेगी.
यह मामला वर्ष 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान दिए गए कथित भाषणों से जुड़ा है. आरोप था कि अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के बयानों से नफरत फैलाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई थी.
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हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी. अब इस मामले में शीर्ष अदालत का पहले दिया गया आदेश ही प्रभावी रहेगा.
संजय शर्मा