संसद के चालू मॉनसून सत्र की शुरुआत से ही चला आ रहा गतिरोध अब टूट गया है. लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पर मंगलवार को लोकसभा में होने वाली चर्चा में विपक्ष के शामिल होने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक, इस विधेयक पर चर्चा दोपहर 1 बजे के बाद शुरू हो सकती है. जानकारी के मुताबिक, चर्चा के दौरान विपक्ष छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह से सदन में बयान देने की मांग करेगा. इसके लिए विपक्ष की ओर से वक्ताओं की सूची भी लगभग तैयार कर ली गई है.
इससे पहले विपक्ष की मांग थी कि पहले गृह मंत्री छात्रों पर लाठीचार्ज के मामले में सदन में बयान दें, उसके बाद ही लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पर चर्चा कराई जाए. हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद विपक्ष अपने रुख में कुछ नरमी लाने को तैयार हुआ है. सूत्रों के अनुसार, यदि विपक्ष को यह आश्वासन मिलता है कि चर्चा के दौरान या उसके बाद गृह मंत्री सदन में लाठीचार्ज के मुद्दे पर बयान देंगे, तो वह विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेने को तैयार है. सूत्रों का कहना है कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला मंगलवार सुबह 10 बजे होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में लिया जाएगा. इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विपक्ष चर्चा में भाग लेगा या नहीं.
पेपर लीक के खिलाफ लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) विधेयक, 2026 पर 28 जुलाई को दोपहर 12 बजे से चर्चा की शुरुआत हो सकती है. सदन की कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों से आग्रह किया था कि यह विषय देश के करोड़ों विद्यार्थियों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है. ऐसे में इस पर व्यापक और सार्थक चर्चा होना उचित है.
स्पीकर ने सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों से ही शाम 5 बजे तक चर्चा शुरू करने को लेकर संवाद कर रास्ता निकालने का भी आग्रह किया था. स्पीकर ने इसके बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स से खुद बातचीत की. इसका नतीजा यह हुआ कि सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों पक्षों में इस बिल पर चर्चा की सहमति बन गई और तय हुआ कि मंगलवार को 12 बजे से बिल पर विस्तृत चर्चा शुरू होगी.
यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, संगठित परीक्षा माफिया और अन्य अनुचित साधनों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है. मंगलवार को होने वाली चर्चा के दौरान विभिन्न दल विधेयक के प्रावधानों पर अपने सुझाव और संशोधन भी रख सकते हैं. चर्चा के बाद सरकार इन सुझावों का जवाब देगी और इसके बाद विधेयक को सदन की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा.
बता दें कि प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने दोपहर 12 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, यह बिल पेश किया था. डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के हंगामे के बीच ही यह बिल पेश किया और स्पीकर की अपील के बावजूद विपक्षी सदस्य वेल में जमे रहे. स्पीकर ने कार्यवाही पहले दो, और फिर पांच बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी थी.
हिमांशु मिश्रा / मौसमी सिंह