एअर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट AI2379 के पायलट-इन-कमांड का मारिजुआना टेस्ट पॉजिटिव आया है. सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि पायलट के सैंपल की कन्फर्मेटरी लैब जांच में मारिजुआना की पुष्टि हुई है. यह मामला 4 अगस्त को इसी फ्लाइट के अचानक करीब 300 फीट नीचे आने की घटना के कुछ दिनों बाद सामने आया है. इस घटना में कम से कम 17 यात्री और क्रू मेंबर घायल हुए थे.
उधर, सामने आया है कि घटना की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपने हाथ में ले ली है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी जानकारी के मुताबिक, जांच ICAO के निर्धारित प्रोटोकॉल और लागू नियमों के तहत की जा रही है. DGCA से मिली जानकारी और घटना की प्रकृति को देखते हुए AAIB ने इसकी जांच शुरू कर दी है. इसके संबंध में इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (ICAO) और संबंधित देशों को जरूरी सूचनाएं भी भेज दी गई हैं.
AAIB ने बताया कि इस तरह की विमानन घटनाओं की जांच में विमान के डिजाइन और निर्माण से जुड़े देशों की भागीदारी ICAO के अंतरराष्ट्रीय जांच ढांचे का हिस्सा है.
इसी के तहत फ्रांस की विमान दुर्घटना जांच एजेंसी Bureau d'Enquêtes et d'Analyses pour la sécurité de l'aviation civile (BEA) और Airbus के तकनीकी प्रतिनिधि AAIB को जांच में जरूरी तकनीकी सहयोग दे रहे हैं. इसमें विमान से जुड़ी तकनीकी जानकारी और डिजाइन डॉक्यूमेंट उपलब्ध कराना भी शामिल है.
AAIB घटना से जुड़े तकनीकी, ऑपरेशनल, मेडिकल और ह्यूमन फैक्टर से संबंधित सभी सबूतों को व्यवस्थित तरीके से जुटाने, सुरक्षित रखने और उनकी जांच करने में लगा है. जांच के दायरे में विमान और उसके सिस्टम, रिकॉर्डेड फ्लाइट डेटा, संबंधित ऑपरेशनल और मेंटेनेंस रिकॉर्ड और मेडिकल जानकारी शामिल हैं. इसके अलावा घटना से जुड़े लोगों के इंटरव्यू भी लिए जाएंगे. AAIB ने स्पष्ट किया है कि सभी सबूतों की समग्र रूप से जांच करने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा.
AAIB ने कहा- अधूरी जानकारी के आधार पर न निकालें निष्कर्ष
AAIB के मुताबिक, जांच का एकमात्र उद्देश्य घटना की परिस्थितियों और इसके लिए जिम्मेदार कारकों का पता लगाना है. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा उपायों की पहचान करना भी जांच का हिस्सा है. एजेंसी ने जोर देकर कहा कि जांच स्वतंत्र, साक्ष्य आधारित और व्यापक है. इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी एक जानकारी या सबूत के आधार पर घटना के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए.
AAIB ने यह भी कहा कि जांच के दौरान जुटाए गए कुछ रिकॉर्ड, बयान और मेडिकल जानकारी लागू नियमों के तहत गोपनीय और संरक्षित हैं. जांच की निष्पक्षता और तकनीकी विश्वसनीयता के लिए इसकी गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है. एजेंसी ने मीडिया और आम लोगों से अपील की है कि वे जांच प्रक्रिया का सम्मान करें और अधूरी, असत्यापित या चुनिंदा रूप से उपलब्ध जानकारियों के आधार पर निष्कर्ष निकालने से बचें.
AAIB ने कहा कि सभी महत्वपूर्ण तथ्यों और सबूतों की गहन जांच की जाएगी. लागू प्रावधानों और ICAO प्रोटोकॉल के तहत तय समयसीमा में प्रारंभिक निष्कर्ष जारी किए जाएंगे. जांच से जुड़ी आगे की जानकारी उचित समय पर सार्वजनिक की जाएगी.
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