10,600 लीटर चोरी का पेट्रोल जब्त! मुंबई-ठाणे राशनिंग विभाग का बड़ा एक्शन, अफसरों ने टैंकर सीज कर दिया

महाराष्ट्र के ठाणे के मुंब्रा इलाके में राशनिंग विभाग और कलवा पुलिस ने एक्शन लेते हुए 10,600 लीटर चोरी का पेट्रोल जब्त किया है. इसकी कीमत करीब 19.76 लाख रुपये बताई जा रही है. पेट्रोल एक टैंकर में ले जाया जा रहा था, जिसे अधिकारियों ने कब्जे में ले लिया. टैंकर के चालक और मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

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अधिकारियों ने टैंकर को कब्जे में लिया. (Photo: Screengrab) अधिकारियों ने टैंकर को कब्जे में लिया. (Photo: Screengrab)

दीपेश त्रिपाठी

  • ठाणे,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:40 AM IST

महाराष्ट्र के ठाणे के मुंब्रा में राशनिंग विभाग ने करीब 10,600 लीटर संदिग्ध चोरी का पेट्रोल जब्त किया है. पेट्रोल से भरे टैंकर को भी कब्जे में लिया गया है. जब्त माल की कुल कीमत करीब 19.76 लाख रुपये बताई जा रही है. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पेट्रोल कहां से आया और इसके पीछे कौन है.

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मामला ठाणे के मुंब्रा इलाके का है. यहां मुंबई-ठाणे राशनिंग विभाग की टीम ने कलवा पुलिस के साथ मिलकर एक संदिग्ध टैंकर को पकड़ा. जब टैंकर की जांच शुरू हुई तो उसके अंदर पेट्रोल भरा मिला. टैंकर में करीब 10,600 लीटर पेट्रोल मौजूद था. सवाल था कि इतना पेट्रोल आखिर कहां से आया? और इसे कहां ले जाया जा रहा था? जांच के दौरान पेट्रोल की ढुलाई संदिग्ध पाए जाने पर विभाग ने पेट्रोल के साथ टैंकर को भी जब्त कर लिया.

राशनिंग विभाग के मुताबिक, जब्त किए गए पेट्रोल और टैंकर की कुल कीमत करीब 19 लाख 76 हजार 600 रुपये है. यानी एक टैंकर में हजारों लीटर पेट्रोल और कीमत करीब 20 लाख रुपये. मामला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में पेट्रोल की आवाजाही कोई छोटी बात नहीं है.

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अधिकारियों को शक है कि इसके पीछे पेट्रोल की चोरी या अवैध सप्लाई से जुड़ा कोई नेटवर्क हो सकता है. हालांकि अभी मामले की जांच चल रही है. यह कार्रवाई मुंबई-ठाणे राशनिंग विभाग के नियंत्रक चंद्रकांत डांगे के नेतृत्व में की गई.

ठाणे रीजनल ऑफिस के डिप्टी कंट्रोलर भास्कर तायडे और उनकी टीम ने कलवा पुलिस के सहयोग से टैंकर की जांच की. जांच के बाद जब पेट्रोल की मात्रा सामने आई तो विभाग ने टैंकर को कब्जे में ले लिया. अब पेट्रोल के सोर्स और उसके ठिकाने की जानकारी जुटाई जा रही है.

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मामले में टैंकर के चालक और मालिक की भूमिका भी जांच के घेरे में है. राशनिंग विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, दोनों के खिलाफ कलवा पुलिस थाने में केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पुलिस अब यह पता लगाएगी कि चालक को टैंकर लेकर कहां जाना था और पेट्रोल किस जगह से लोड किया गया था. टैंकर के दस्तावेजों और पेट्रोल से जुड़े कागजात की भी जांच की जा रही है.

अब इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल यही है कि 10,600 लीटर पेट्रोल आखिर आया कहां से? अगर यह पेट्रोल चोरी का है तो चोरी कहां हुई? किस जगह से इसे टैंकर में भरा गया? और इसे किसे सप्लाई किया जाना था? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस और राशनिंग विभाग के अधिकारी जांच कर रहे हैं. टैंकर की आवाजाही से जुड़े रिकॉर्ड भी जांचे जा सकते हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह पहले किन-किन जगहों पर गया था.

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क्या इसके पीछे कोई बड़ा खेल है?

एक टैंकर में इतनी बड़ी मात्रा में पेट्रोल मिलने के बाद जांच एजेंसियों को शक है कि मामला सिर्फ चालक और मालिक तक सीमित भी हो सकता है या नहीं. अगर पेट्रोल चोरी का नेटवर्क सामने आता है तो इसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं. फिलहाल टैंकर राशनिंग विभाग के लिए इस पूरे मामले की अहम है. टैंकर में मौजूद पेट्रोल जब्त कर लिया गया है और वाहन भी कब्जे में है. अब इसकी जांच के जरिए पेट्रोल की सप्लाई चेन तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी.

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