RSS के कार्यक्रम में पहुंचे सलमान खान, कैमरों में कैद हुआ खास अंदाज

मुंबई के नेहरू सेंटर में RSS के शताब्दी कार्यक्रम के तहत आयोजित दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला में सलमान खान मोहन भागवत का भाषण सुनते नजर आए. उनके साथ सुभाष घई और प्रसून जोशी भी मौजूद थे. भागवत ने कहा कि संघ बिना किसी का विरोध किए देश और राष्ट्रीय एकता के लिए काम करता है और सत्ता की चाह नहीं रखता. कार्यक्रम में वरिष्ठ संघ नेता और वक्ताओं ने समाज में RSS की भूमिका और भविष्य की दिशा पर चर्चा की.

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सलमान खान RSS के कार्यक्रम में पहुंचे. (Photo: Screengrab) सलमान खान RSS के कार्यक्रम में पहुंचे. (Photo: Screengrab)

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 07 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:10 PM IST

मुंबई में RSS के शताब्दी समारोह के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शनिवार को बॉलीवुड स्टार सलमान खान, संघ प्रमुख मोहन भागवत का भाषण ध्यान से सुनते नजर आए. कार्यक्रम के दौरान सलमान खान पूरी तरह भाषण में डूबे दिखे. सलमान खान के साथ प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सुभाष घई और जाने-माने गीतकार, कवि और लेखक प्रसून जोशी भी मौजूद थे. तीनों ने मोहन भागवत के संबोधन को गंभीरता से सुना.

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भागवत बोले- देश के लिए काम करता है संघ
अपने भाषण में मोहन भागवत ने कहा कि संघ किसी का विरोध किए बिना देश के लिए काम करता है. उन्होंने कहा कि संगठन का फोकस राष्ट्रीय एकता पर है और वह सत्ता पाने की इच्छा के बिना काम करता है.

दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला का पहला दिन
शनिवार को वर्ली स्थित नेहरू सेंटर में “100 Years of Sangh Journey: New Horizons” शीर्षक से दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला का पहला दिन था. जैसे ही सलमान खान कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, वहां मौजूद कुछ लोगों ने अपने स्मार्टफोन से उनकी तस्वीरें लेने की कोशिश की.

शताब्दी यात्रा और भविष्य की दिशा पर चर्चा
यह दो दिवसीय कार्यक्रम RSS की यात्रा, समाज में उसकी भूमिका और भविष्य की सोच व विचारों पर चर्चा के लिए आयोजित किया गया है. कार्यक्रम में वरिष्ठ RSS नेता और आमंत्रित वक्ता भी शामिल हुए, जिन्होंने लोगों के साथ संवाद किया. यह आयोजन संघ के व्यापक शताब्दी संपर्क अभियान का हिस्सा है.

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“संघ का कार्य अपने आप में अलग और विशिष्ट”
मोहन भागवत ने कहा कि संघ का कार्य अपने आप में अलग और विशिष्ट है और दुनिया में इस तरह का काम कहीं और देखने को नहीं मिलता. उन्होंने कहा कि अब लोग इसे सीधे तौर पर अनुभव भी कर रहे हैं. उनके अनुसार “हिंदू” केवल एक पहचान नहीं बल्कि एक गुणसूचक शब्द है, और भारत में रहने वाले सभी लोग इस व्यापक अर्थ में हिंदू हैं.

PM मोदी पर क्या बोले मोहन भागवत?
भागवत ने कहा कि संघ ने शुरू से तय किया था कि उसका मुख्य उद्देश्य पूरे समाज को संगठित करना है और वह इसी काम पर केंद्रित है. उन्होंने यह भी कहा कि RSS और राजनीति को लेकर कई तरह की बातें कही जाती हैं. कुछ लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को RSS का प्रधानमंत्री कहते हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी एक अलग राजनीतिक दल है, भले ही उसमें कई स्वयंसेवक सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका में हैं.

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय समाज का आपसी संबंध लेन-देन पर नहीं बल्कि अपनत्व पर आधारित है. भारत का सनातन स्वभाव नहीं बदलता. ऋषि-मुनियों की परंपरा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां हमेशा यह भावना रही कि पूरा विश्व अपना है और ज्ञान सबके साथ साझा करना चाहिए. भारत को उन्होंने “धर्म प्राण” बताते हुए कहा कि यहां सबको साथ लेकर चलने की सोच है, किसी को छोड़ा नहीं जाता.

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'सृष्टि का संचालन धर्म के आधार पर होता है'
अनुशासन पर जोर देते हुए भागवत ने कहा कि अगर कोई अकेले रहना चाहता है तो अनुशासन की जरूरत नहीं, लेकिन समाज के साथ चलना है तो नियम और अनुशासन जरूरी होते हैं. उन्होंने कहा कि सृष्टि का संचालन भी धर्म के आधार पर ही होता आया है. उनका कहना था कि भारत को विश्व गुरु बनना है, लेकिन यह केवल भाषणों से नहीं बल्कि आचरण और उदाहरण से संभव होगा. जो भारतीय हैं, उनके भीतर यह क्षमता विरासत के रूप में मौजूद है.

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