मुंबई के साकी नाका इलाके में ढांचा गिरने की घटना के बाद एक परिवार ने अपने 49 वर्षीय सदस्य को खो दिया. 24 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे एक संरचना का हिस्सा हिममत भानुशाली के ऊपर गिर गया. हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तुरंत एल. एन. हिरानंदानी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने की कोशिश की. हालांकि, उसी दिन शाम करीब 6:30 बजे इलाज के दौरान हिममत की मौत हो गई. हादसे के बाद परिवार ने पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है. परिवार का कहना है कि कुछ ही घंटों के भीतर उन्होंने अपने पिता और परिवार के एक सदस्य को खो दिया. अब उनकी मांग है कि हादसे की पूरी परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच हो और यह पता लगाया जाए कि आखिर वह ढांचा क्यों गिरा.
परिवार के मुताबिक, जिस ढांचे का हिस्सा गिरकर हिममत के ऊपर आया, वह एक ऐसे गोदाम का हिस्सा था जो करीब आठ वर्षों से बंद और कथित तौर पर उपेक्षित पड़ा था. परिवार का आरोप है कि लंबे समय से बंद और खराब हालत में पड़े परिसर में हाल ही में निर्माण कार्य शुरू किया गया था. परिवार का दावा है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी. उनका आरोप है कि इसके लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी से आवश्यक अनुमति मौजूद नहीं थी. परिवार ने यह भी सवाल उठाया है कि अगर परिसर की हालत पहले से खराब थी, तो वहां निर्माण कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए. परिवार अब इन्हीं सवालों के जवाब चाहता है. उनका कहना है कि जांच के जरिए यह स्पष्ट होना चाहिए कि परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं. साथ ही यह भी सामने आना चाहिए कि ढांचे की सुरक्षा और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी थी.
परिवार ने मुंबई पुलिस और BMC से की जांच की मांग
हिममत भानुशाली की मौत के बाद परिवार ने मुंबई पुलिस और बीएमसी से मामले की विस्तृत जांच करने की मांग की है. परिवार चाहता है कि हादसे से जुड़ी हर परिस्थिति की जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि घटना के पीछे किसी तरह की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन तो नहीं था. परिवार के मुताबिक, जांच में यह भी सत्यापित किया जाना चाहिए कि परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के लिए जरूरी अनुमति मौजूद थी या नहीं. इसके अलावा ढांचे की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी थी, इसकी भी जांच की मांग की गई है. परिवार का आरोप है कि अगर ढांचा पहले से खराब स्थिति में था और वहां निर्माण कार्य चल रहा था, तो काम के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए थे. वे चाहते हैं कि जांच में इन सभी पहलुओं को शामिल किया जाए.
परिवार की मांग सिर्फ जांच तक सीमित नहीं है. उनका कहना है कि अगर जांच में किसी तरह का नियम उल्लंघन या लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए. परिवार का कहना है कि हिममत भानुशाली की मौत की पूरी तरह जांच होनी चाहिए. वे यह जानना चाहते हैं कि हादसे के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और क्या किसी की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन ने इस घटना में भूमिका निभाई. इस हादसे में एक परिवार ने अपने 49 वर्षीय सदस्य को खो दिया है. अब परिवार की मुख्य मांग यही है कि घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच हो, जिम्मेदारी तय की जाए और अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए.
पुलिस ने दर्ज कर जांच शुरू की
पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धारा 106(1) के तहत काम करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है. अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि साकी नाका में जिस ढांचे का हिस्सा गिरा, उसकी स्थिति कैसी थी, वहां निर्माण कार्य के लिए जरूरी अनुमति थी या नहीं और सुरक्षा से जुड़े इंतजाम किए गए थे या नहीं. परिवार इन्हीं सवालों के जवाब और हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा है.
दीपेश त्रिपाठी