महाराष्ट्र के वसई-विरार इलाके में सड़कों की खराब हालत और अपर्याप्त बुनियादी ढांचे के खिलाफ विरार में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता विवेक तिवारी के नेतृत्व में 'सड़क सत्याग्रह' भूख हड़ताल देखने को मिली है.
इस बीच सीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने विरोध स्थल का दौरा भी किया ताकि वे अपना समर्थन जता सकें और प्रदर्शनकारियों की बिगड़ती सेहत का जायजा ले सकें. वहीं, कांग्रेस और अन्य पार्टियों के स्थानीय नेताओं ने भी इस विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है.
नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन देखने को मिला था. सीजेपी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इसे अपनी बड़ी जीत बताते हुए आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया था.
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जंतर-मंतर पर आंदोलन खत्म करने के बाद संगठन के नेताओं का कहना था कि आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है. यह केवल एक बड़े मिशन की शुरुआत है. अब संगठन का ध्यान शिक्षा सुधारों और युवाओं से जुड़े कई मुद्दों को जमीनी स्तर तक ले जाने पर है.
बता दें, सीजेपी ने शुरुआत एक ऑनलाइन व्यंग्य मंच के तौर पर की थी. बाद में संगठन ने अपने मुद्दों को लेकर सड़कों पर आंदोलन शुरू कर दिए. संगठन ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में दो दिवसीय रणनीति बैठक भी की. बैठक में संगठन ने चुनावी राजनीति में उतरने के बजाय युवा आंदोलन के रूप में काम जारी रखने का फैसला किया.
वहीं, देश की नई पीढ़ी यानी Gen Z-अल्फा अपने अधिकारों को लेकर जागरूक नजर आ रही हैं. उत्तर प्रदेश के हमीरपुर, उत्तराखंड के खटीमा और राजस्थान के बांसवाड़ा में स्कूली बच्चों के प्रदर्शन ने बदलाव की एक मजबूत मिसाल कायम की. वहीं, बच्चों के इस जज्बे को कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी सलाम किया है. अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर लिखा, अपने भविष्य के लिए लड़ रहे इन बच्चों को मेरा सलाम है, वो बस अपने स्कूल के लिए एक सड़क मांग रहे हैं.
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