चीन में था नागपुर का आर्किटेक्ट, अनजान नंबर को ब्लॉक किया... फिर क्रेडिट कार्ड से उड़ गए 6 लाख रुपये

महाराष्ट्र के नागपुर में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. काम के सिलसिले में चीन गए आर्किटेक्ट को एक अनजान व्यक्ति ने 6 लाख के लोन के लिए गारंटर बनने के लिए कॉल किया. आर्किटेक्ट ने ऐसी किसी गारंटी से इनकार करते हुए नंबर ब्लॉक कर दिया. अगले ही दिन बैंक के मैसेज से पता चला कि उनके क्रेडिट कार्ड से 5.87 लाख रुपये के 13 ट्रांजेक्शन हो चुके थे.

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काम के सिलसिले में चीन गए थे नागपुर के आर्किटेक्ट. (Photo: Representational) काम के सिलसिले में चीन गए थे नागपुर के आर्किटेक्ट. (Photo: Representational)

योगेश पांडे

  • नागपुर,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:58 PM IST

एक कॉल आया, 6 लाख के कर्ज का गारंटर बनने की बात कही गई. 55 साल के आर्किटेक्ट ने कहा- मैंने किसी के लिए ऐसी गारंटी नहीं दी और फोन करने वाले का नंबर ब्लॉक कर दिया. उन्हें लगा कि बात वहीं खत्म हो गई. लेकिन अगले दिन बैंक के मैसेज ने उनके होश उड़ा दिए. क्रेडिट कार्ड से करीब 5.87 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन हो चुके थे. जिस वक्त ये ट्रांजेक्शन हुए, वह चीन में थे.

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मामला महाराष्ट्र के नागपुर का है. पांचपावली पुलिस थाना क्षेत्र में रहने वाले 55 वर्षीय आर्किटेक्ट अमरजीत के क्रेडिट कार्ड से कथित तौर पर 5 लाख 87 हजार रुपये की साइबर ठगी हो गई. शिकायत में कहा गया कि उनके क्रेडिट कार्ड से कुल 13 अनधिकृत ट्रांजेक्शन किए गए. पुलिस इसकी जांच कर रही है.

शिकायत के मुताबिक, अमरजीत 8 सितंबर 2026 को काम के सिलसिले में चीन गए थे. वह चीन में ही मौजूद थे, तभी 15 सितंबर को उनके मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने 6 लाख रुपये के लोन के लिए गारंटर बनने की बात कही. इस पर अमरजीत ने फोन करने वाले से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया.

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अमरजीत के मुताबिक, उन्हें उस वक्त इस फोन कॉल से किसी ठगी का अंदाजा नहीं हुआ. लेकिन अगले दिन बैंक से मिले मैसेज के बाद उन्हें पता चला कि उनके क्रेडिट कार्ड से कई ट्रांजेक्शन हो चुके हैं. 16 सितंबर को चीन में रहते हुए जब अमरजीत ने बैंक के मैसेज चेक किए तो उन्हें क्रेडिट कार्ड से हुए कई ट्रांजेक्शन दिखे. शिकायत में बताया गया है कि कुल 5 लाख 87 हजार रुपये के अनधिकृत लेन-देन किए गए थे.

पीड़ित अमरजीत का कहना है कि उन्होंने इनमें से कोई भी ट्रांजेक्शन नहीं किया था. उनका यह भी कहना है कि उन्होंने किसी अनजान व्यक्ति को अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी भी शेयर नहीं की थी. क्रेडिट कार्ड से 20 अगस्त से 11 सितंबर के बीच कुल 13 ट्रांजेक्शन किए गए. इन ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 5.87 लाख रुपये की रकम खर्च किए गए.

फोन करने वाले और ट्रांजेक्शन के बीच कनेक्शन की जांच

इस मामले में एक अहम बात यह भी है कि कथित तौर पर ठगी का पता चलने से पहले पीड़ित को 6 लाख रुपये के कर्ज का गारंटर बनने के लिए कॉल आया था. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि फोन करने वाला व्यक्ति और क्रेडिट कार्ड से हुए ट्रांजेक्शन के पीछे मौजूद आरोपी एक ही हैं या नहीं. पांचपावली पुलिस इस एंगल सहित पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्रेडिट कार्ड से जुड़े लेन-देन किस तरह किए गए और इसके पीछे कौन लोग हैं.

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ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने तुरंत बैंक अधिकारियों को सूचना दी और अपना क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कराया. इसके बाद साइबर क्राइम की शिकायत NCCRP साइबर पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई. पीड़ित ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत की है.

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बड़ा है कि अगर पीड़ित ने किसी को क्रेडिट कार्ड की जानकारी नहीं दी, तो कार्ड से इतने बड़े अमाउंट के ट्रांजेक्शन कैसे हो गए. क्या फोन करने वाला व्यक्ति सिर्फ संयोग से कॉल कर रहा था या फिर उसके पीछे कोई ठगी की प्लानिंग थी. फिलहाल इसका जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अज्ञात आरोपी की तलाश की जा रही है.

पुलिस की ओर से लोगों को लगातार सलाह दी जाती है कि किसी अनजान कॉल पर बैंक, क्रेडिट कार्ड, OTP या अन्य फाइनेंशियल डिटेल शेयर न करें. किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलते ही बैंक को सूचना देकर कार्ड ब्लॉक कराना और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करना जरूरी है.

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