मराठा आरक्षण पर आर-पार की लड़ाई, 11वें दिन भी जरांगे का अनशन जारी

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन लगातार तेज हो रहा है. जालना के अंतरवाली सराटी में मनोज जरांगे पाटिल का अनशन 11वें दिन में पहुंच गया है.बड़ी संख्या में मराठा समुदाय के लोग प्रदर्शन स्थल पर जुट रहे हैं. बता दें कि जरांगे ने सरकार को उनकी मांगे मानने के लिए 11 सितंबर तक का समय दिया है.

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 मनोज जरांगे मराठा आरक्षण की मांग पर अनशन पर बैठे हैं. (Photo:PTI) मनोज जरांगे मराठा आरक्षण की मांग पर अनशन पर बैठे हैं. (Photo:PTI)

aajtak.in

  • महाराष्ट्र,
  • 08 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:16 PM IST

जालना के अंतरवाली सराटी में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटिल का अनशन 11वें दिन भी जारी है. उनके समर्थन में बड़ी संख्या में मराठा समुदाय के लोग प्रदर्शन स्थल पर पहुंच रहे हैं. तेज होते आंदोलन में लोगों की मौजूदगी भी बढ़ती जा रही है, जिससे सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है.

मनोज जरांगे ने 29 अगस्त को अंतरवाली सराटी गांव में अपना 11वां अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था. उनकी मुख्य मांग पात्र मराठा परिवारों को कुणबी प्रमाणपत्र देने की है, ताकि उन्हें ओबीसी आरक्षण का लाभ मिल सके. इसके लिए पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेजों के आधार पर प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की जा रही है.

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आंदोलन के दौरान मराठा समुदाय के लोगों की भीड़ लगातार प्रदर्शन स्थल पर पहुंच रही है. जरांगे ने सरकार से अपनी मांगों पर ठोस फैसला लेने की मांग की है.

सरकार को दी समयसीमा

आंदोलन के बीच सरकार और जरांगे के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद जरांगे ने सरकार को 11 सितंबर तक का समय दिया है. उनका कहना है कि मांगें लागू नहीं हुईं तो 12 सितंबर को आंदोलन मुंबई तक ले जाया जाएगा.

यह भी पढ़ें: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने की तैयारी, मनोज जरांगे का मुंबई में प्रदर्शन का ऐलान

वहीं, सरकार की ओर से बताया गया है कि पात्र मराठों को कुणबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं. करीब 58 लाख कुणबी रिकॉर्ड मिलने की बात भी सामने आई है.  हालांकि, जरांगे के लिए ये कदम पर्याप्त नहीं हैं और वो सरकार के औपचारिक फैसले की मांग पर कायम हैं.

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अब 11 सितंबर पर टिकी नजर

जैसे-जैसे अनशन आगे बढ़ रहा है, प्रदर्शन स्थल पर जुट रही भीड़ और सरकार पर बढ़ता दबाव इस आंदोलन को और अहम बना रहा है. अब देखना ये होगा कि 11 सितंबर तक सरकार और जरांगे के बीच कोई रास्ता निकलता है या आंदोलन 12 सितंबर को जरांगे मुंबई का कूच करते हैं.

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