FSSAI के CEO ने तुकाराम मुंढे को बताया मिसाल, 'पनिशमेंट पोस्टिंग' पर कह दी ये बात

महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे की हर कोई तारीफ कर रहा है. अब FSSAI के CEO रजीत पुन्हानी ने भी मुंढे की तारीफों के पुल बांधे हैं और उन्हें 'मिसाल' बताया है. बता दें कि मुंढे ने बिना अतिरिक्त कर्मचारियों के अपनी टीम के साथ हजारों निरीक्षण कर सैकड़ों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड किए हैं.

Advertisement
FSSAI CEO ने तुकाराम मुंढे की जमकर तारीफ की. (Photo- ITGD) FSSAI CEO ने तुकाराम मुंढे की जमकर तारीफ की. (Photo- ITGD)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:46 PM IST


महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे इन दिनों चर्चा में हैं. खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए अब FSSAI के CEO रजीत पुन्हानी ने मुंढे की तारीफ की है. उन्होंने इस धारणा को भी खारिज कर दिया कि खाद्य सुरक्षा विभाग में तबादला कोई 'पनिशमेंट पोस्टिंग' होता है.

मुंढे ने हाल के महीनों में पूरे महाराष्ट्र में जांच और प्रवर्तन की कार्रवाई तेज कर दी है. इसके तहत खाद्य सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन करने वाले रेस्तरां, फूड आउटलेट्स और गोदामों को निशाना बनाया जा रहा है.

Advertisement

इस मुहिम के तहत महाराष्ट्र एफडीए ने हजारों निरीक्षण किए हैं और सैकड़ों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड किए हैं. इस बीच इंडिया टुडे टीवी को दिए एक इंटरव्यू में FSSAI के सीईओ रजीत पुन्हानी ने मुंढे की कार्रवाई को 'जहां चाह, वहां राह' की मिसाल बताया.  

'पनिशमेंट पोस्टिंग' पर क्या बोले FDA CEO

पुन्हानी ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से खाद्य सुरक्षा विभागों को वो अहमियत नहीं दी जाती जिसके वो हकदार थे. कई अधिकारी इस विभाग की जिम्मेदारी लेने से हिचकिचाते थे और इसे पनिशमेंट पोस्टिंग मानते थे.

स्वास्थ्य विभाग के मुकाबले इस तरफ कम ध्यान दिए जाने के सवाल पर पुन्हानी ने कहा कि स्वास्थ्य ढांचा सौ साल पुराना है. लेकिन खाद्य सुरक्षा एक नई व्यवस्था है. उनके मुताबिक अब हर राज्य में एक समर्पित और अलग खाद्य सुरक्षा आयुक्त होना बेहद जरूरी है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: तुकाराम मुंढे के फैसले पर महाराष्ट्र सरकार ने लगाया ब्रेक, CM फडणवीस ने तेल कारोबारियों को साल भर की दी छूट

महाराष्ट्र में मुंढे की मुहिम से खुश पुन्हानी ने कहा कि उन्होंने बिना एक्स्ट्रा मैनपावर के ये काम करके दिखाया है. उन्होंने कहा, 'उन्होंने उसी टीम के साथ काम किया है. ऐसा नहीं है कि नए अधिकारियों की भर्ती की गई. अगर दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो उतने ही अधिकारियों के साथ काम किया जा सकता है.'

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »