मुंबई में प्रदर्शन की पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे मंगलवार को महाराष्ट्र की राजधानी के लिए रवाना हो गए. जरांगे ने जालना जिले से कारों के काफिले के साथ मुंबई का रुख किया, जहां रास्ते में सैकड़ों ग्रामीणों ने उनका समर्थन किया. महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में 15 से 17 सितंबर तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस अवधि के दौरान जिले में प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संकेत दिया कि सरकार डराने-धमकाने की रणनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है. हालांकि, उन्होंने गणेश उत्सव के दौरान आंदोलन के समय पर भी सवाल उठाए. उन्होंने मुंबई में पत्रकारों से कहा, 'सरकार को उम्मीद है कि लोगों को असुविधा नहीं होगी और गणेशोत्सव में कोई बाधा नहीं आएगी. मुंबई और पुणे में यह बहुत बड़ा त्योहार है और सार्वजनिक रूप से सबसे बड़े हिंदू त्योहारों में से एक के रूप में मनाया जाता है.'
मुंबई पुलिस ने इससे पहले पिछले 17 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे जरांगे को मुंबई के आजाद मैदान में प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. वह मराठा समुदाय के उन सदस्यों के लिए ओबीसी कोटा की मांग कर रहे हैं, जिनके पास कुनबी जाति की वंशावली है. पुलिस ने जारी गणेश उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं का हवाला दिया था.
19 को मुंबई पहुंचेंगे
हालांकि, जरांगे अपने रुख पर कायम रहे और मुंबई में मराठा समुदाय के लोगों को जुटाने की अपनी पहले की योजना में बदलाव करते हुए कड़ी सुरक्षा के बीच 5-10 सहयोगियों के एक चुनिंदा समूह के साथ अकेले यात्रा करने का फैसला किया. उनका कारवां बीड के पाटोदा, अहिल्यानगर के श्रीगोंदा, पुणे के हडपसर और रायगढ़ जिले के खोपोली से होते हुए 19 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान पहुंचेगा. इस दौरान वह 400 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेंगे.
कार की आगे की सीट पर कमजोर और झुके हुए नजर आए जरांगे ने अपनी पहचान वाली सफेद शर्ट और पैंट पहन रखी थी. उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया, जिसमें अदालत ने उन्हें मुंबई में प्रदर्शन करने से रोकने से इनकार किया था. उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'मेरे लिए मेरे समुदाय से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं है. मैं अपने समुदाय के लिए मर जाऊंगा या उनके लिए आरक्षण हासिल करूंगा. अदालत ने कहा है कि अगर कोई लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहा है, तो उसे रोका नहीं जा सकता. न्यायपालिका हमारे साथ है.'
मारने की साजिश रची गई
जरांगे ने दोहराया कि उन्हें मारने की साजिश रची गई है. आरक्षण कार्यकर्ता ने कहा, 'क्या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुझे गोलियों से मारना चाहते हैं? मैं अकेला आ रहा हूं. उन्होंने मुझे मारने की योजना बनाई है. चाहे कुछ भी हो, अगर वे मुझे मार भी देते हैं, तो मैं मराठा समुदाय के साथ विश्वासघात नहीं होने दूंगा.' इससे पहले सुबह जरांगे ने स्वास्थ्य जांच कराई, छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन किया और गांव के दो मंदिरों में दर्शन किए.
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