समता पार्टी के डेलीगेशन ने CM शिंदे से की मुलाकात, चुनाव चिन्ह 'मशाल' वापस दिलाने में मांगी मदद

बिहार की समता पार्टी के डेलीगेशन ने सीएम शिंदे को बताया कि उनकी पार्टी बिहार की पुरानी पार्टी है और उसका चुनाव चिन्ह मशाल है. हालांकि महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद चुनाव आयोग ने इसे ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट को आवंटित कर दिया. डेलीगेशन ने सीएम से चुनाव चिन्ह वापस दिलाने में मदद मांगी है.

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एकनाथ शिंदे (फाइल फोटो) एकनाथ शिंदे (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 1:06 PM IST

बिहार की समता पार्टी के एक डेलीगेशन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट को मिले 'मशाल' चुनाव चिन्ह वापस दिलाने में मदद मांगी. समता पार्टी के अध्यक्ष उदय मंडल के नेतृत्व में डेलीगेशन ने मंगलवार शाम ठाणे में शिंदे कार्यालय में मुलाकात की. 

चुनाव आयोग ने कुछ दिन पहले ही शिंदे गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता देते हुए धनुष और तीर चुनाव चिन्ह दे दिया था. आयोग ने ये भी फैसला सुनाया कि ठाकरे गुट वाली शिवसेना के पास चुनाव चिन्ह 'मशाल' 26 फरवरी तक रहेगा, जब तक कस्बा पेठ और चिंचवाड़ विधानसभा उपचुनाव न हो जाएं.  

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डेलीगेशन ने सीएम शिंदे को बताया कि समता पार्टी बिहार की पुरानी पार्टी है और उसका चुनाव चिन्ह मशाल है. हालांकि महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद चुनाव आयोग ने इसे ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट को आवंटित कर दिया. डेलीगेशन ने शिंदे से यह भी कहा कि वे चुनाव चिन्ह वापस पाने के चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे.  

1994 में गठित हुई थी समता पार्टी

डेलीगेशन ने सीएम शिंदे से समता पार्टी का चुनाव चिन्ह वापस पाने में मदद मांगी, जिस तरह से उनके गुट को 'धनुष और तीर' का चुनाव चिह्न मिला था. बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दिवंगत नेता जॉर्ज फर्नांडिस द्वारा 1994 में गठित समता पार्टी ने पिछले साल अक्टूबर में ठाकरे की पार्टी के चुनाव चिह्न के आवंटन के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की थी और इसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन कोर्ट ने मामले को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि उसे पार्टी के चुनाव चिन्ह तय करने का कोई अधिकार नहीं है. समता पार्टी की साल 2004 में चुनाव आयोग द्वारा मान्यता रद्द कर दी गई थी. 

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अमान्य घोषित हो चुकी है पार्टी

चुनाव आयोग ने पिछले साल ठाकरे गुट को जलती मशाल का चुनाव चिह्न आवंटित करते हुए कहा था कि ये अमान्य हो चुकी समता पार्टी का प्रतीक था, लेकिन अब इसे आवंटित करने का फैसला किया है. इस बीच शिवसेना (UBT) के नेता और ठाणे के सांसद राजन विचारे ने शहर के पुलिस कमिश्नर जयजीत सिंह को एक पत्र सौंपा है, जिसमें शिंदे गुट द्वारा शिवसेना के स्थानीय पार्टी कार्यालयों को हड़पने के किसी भी प्रयास को विफल करने का आग्रह किया गया है. बीते मंगलवार को महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और शिंदे गुट के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने कहा कि उनका समूह मुंबई में शिवसेना भवन या ठाकरे के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी खेमे से जुड़ी किसी अन्य संपत्ति को लेने में दिलचस्पी नहीं रखता है. 

 

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