महाराष्ट्र के भिवंडी में सामने आए चर्चित TET पेपर लीक मामले में शुक्रवार को भिवंडी जिला एवं सत्र न्यायालय ने मामले के सभी 14 आरोपियों को 3 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है. अदालत के इस फैसले के बाद अब पुलिस के सामने पूरे पेपर लीक रैकेट की परतें खोलने की बड़ी चुनौती है.
मामले के सभी 14 आरोपियों को न्यायाधीश एस. एम. घोडके की अदालत में पेश किया गया. इनमें 12 आरोपी पहले से न्यायिक हिरासत में थे, जबकि 2 आरोपी पुलिस हिरासत में थे. सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने अदालत से सभी आरोपियों को एक साथ पुलिस हिरासत में देने की मांग की.
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पुलिस की ओर से दलील दी गई कि इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए आरोपियों से संयुक्त और आमने-सामने पूछताछ जरूरी है. जांच एजेंसी का कहना था कि अलग-अलग पूछताछ के जरिए पूरे रैकेट, दस्तावेजों के लेन-देन और इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका का पता लगाना मुश्किल होगा. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस की मांग स्वीकार कर ली.
14 आरोपियों से होगी आमने-सामने पूछताछ
कोर्ट के आदेश के बाद अब सभी 14 आरोपी 3 अगस्त तक पुलिस हिरासत में रहेंगे. पुलिस इस दौरान आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी. जांच एजेंसी को उम्मीद है कि संयुक्त पूछताछ के दौरान आरोपियों के बयानों में सामने आने वाले विरोधाभासों और एक-दूसरे से जुड़े तथ्यों के जरिए पेपर लीक की पूरी साजिश का पता लगाया जा सकेगा.
जांच का फोकस सिर्फ पेपर लीक तक सीमित नहीं है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज आखिर किन लोगों तक पहुंचे. इन दस्तावेजों को किसने उपलब्ध कराया और इसके बाद उन्हें आगे किस-किस व्यक्ति तक पहुंचाया गया, इसकी भी जांच की जाएगी.
पुलिस आरोपियों के आपसी संपर्कों को भी खंगालेगी. जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि आरोपियों का किन-किन लोगों से संपर्क था और इस पूरे नेटवर्क में उनकी क्या भूमिका थी. पूछताछ के दौरान मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भी कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.
दस्तावेजों के लेन-देन से लेकर साजिश तक जांच
TET पेपर लीक मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि परीक्षा से जुड़े दस्तावेज आरोपियों तक कैसे पहुंचे. जांच एजेंसी अब दस्तावेजों के पूरे लेन-देन की पड़ताल करेगी. इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि पेपर लीक की शुरुआत कहां से हुई और इसे आगे फैलाने में किन लोगों ने भूमिका निभाई.
आरोपी पक्ष के वकीलों के मुताबिक, पुलिस अब इस बात की जांच करेगी कि परीक्षा से जुड़े दस्तावेज किन लोगों तक पहुंचाए गए थे. साथ ही आरोपियों के संपर्क में रहे लोगों की भी जानकारी जुटाई जाएगी. जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि पेपर लीक की कथित साजिश किस स्तर पर रची गई थी.
पुलिस को उम्मीद है कि सभी आरोपियों से संयुक्त पूछताछ के बाद इस मामले में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं. अब तक जो कड़ियां अधूरी हैं, उन्हें आरोपियों के बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर जोड़ने की कोशिश की जाएगी. जांच का मकसद पूरे नेटवर्क और उसके पीछे मौजूद लोगों तक पहुंचना है.
3 अगस्त को अगली सुनवाई, कई खुलासों की उम्मीद
भिवंडी कोर्ट के इस आदेश के बाद अब पुलिस के पास 3 अगस्त तक आरोपियों से पूछताछ करने का समय है. इस अवधि में जांच अधिकारी आरोपियों से अलग-अलग और आमने-सामने पूछताछ कर सकते हैं. पुलिस यह भी जानने की कोशिश करेगी कि पेपर लीक से किसे फायदा पहुंचाना था और इस कथित रैकेट से आर्थिक या अन्य लाभ किसे मिला.
मामले में 12 आरोपी पहले न्यायिक हिरासत में थे, जबकि 2 आरोपी पुलिस हिरासत में थे. अब अदालत के आदेश के बाद सभी 14 आरोपियों को एक साथ पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. जांच एजेंसी के लिए यह अवधि बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि संयुक्त पूछताछ के दौरान नेटवर्क से जुड़े नए नाम सामने आने की संभावना है.
फिलहाल, भिवंडी का TET पेपर लीक मामला जांच के अहम दौर में पहुंच गया है. पुलिस अब दस्तावेजों की कड़ियों, आरोपियों के संपर्कों और कथित पेपर लीक नेटवर्क की तह तक जाने में जुटी है. मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी. माना जा रहा है कि उससे पहले की गई पुलिस पूछताछ से इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई अहम खुलासे हो सकते हैं.
मिथिलेश गुप्ता