पुणे में भाजपा के महाधिवेशन में गृहमंत्री अमित शाह ने शरद पवार पर जो दो टूक हमला बोला, उस पर अजित पवार भले ही मौन हों लेकिन उनके साथी नेता और विधायक आक्रामक हो चुके हैं. इसका परिणाम सीधे तौर पर महाराष्ट्र की राजनीति और महायुती के आपसी संबंधों पर दिख रहा है. अमित शाह ने शरद पवार पर जो टिप्पणी की उस पर अब राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेताओं ने आपत्ति जताई है.
अजित पवार गुट के नेताओं और विधायकों का मानना है कि शरद पवार देश के वरिष्ठ नेता हैं. उन पर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है. आगे जाकर बीजेपी को शरद पवार पर ऐसी टिप्पणी करने से बचना चाहिए. यह मांग करते हुए पूर्व विधायक विलास लांडे ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले को पत्र लिखा है. दूसरी ओर पिंपरी के विधायक अन्ना बनसोडे ने भी शरद पवार पर की गई टिप्पणी को गलत कहा है और भविष्य मे ऐसी टिप्पणी ना करने की मांग की है.
विलास लांडे के पत्र में क्या लिखा?
विलास लांडे पिंपरी चिंचवडे की भोसरी विधानसभा के पूर्व विधायक हैं. उन्होंने अमित शाह के बयान पर नाराजगी जताई है और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले को लेटर लिखा है. उन्होंने कहा है कि, 'हम आपसे विनती करते हैं कि पुणे जिले के भूमिपुत्र और देश के वरिष्ठ नेता शरदचंद्र पवार पर जो बयानबाजी हो रही है, वह महाराष्ट्र की जनता के मन को ठेस पहुंचा रही है. शरद पवार पर हो रही टिप्पणी तत्काल बंद करनी चाहिए.'
क्या था अमित शाह का बयान?
रविवार को पुणे के बालेवाडी स्टेडियम में बीजेपी ने महाधिवेशन का आयोजन किया था. इसमें गृहमंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के प्रभारी अश्विनी वैष्णव, भूपेंद्र यादव समेत महाराष्ट्र के तमाम नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए. यहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि, 'भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा सरगना भारत की राजनीति में कोई है, तो शरद पवार हैं. इसमें मेरे मन में कोई कन्फ्यूजन नहीं है. आप क्या आरोप लगा रहे हो हम पर? इस देश में कोई भी सरकार में भ्रष्टाचार को संस्थागत करने का काम किसी ने किया तो वह आपने किया है, यह मैं डंके की चोट पर कह रहा हूं.'
अमित शाह के बयान पर अजित पवार ने क्या कहा?
अमित शाह के बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में काफी हलचल मची हुई है. विपक्ष ने अमित शाह और बीजेपी पर सीधा हमला बोला है. लेकिन इस सब के बीच अजित पवार इस पर बोलने से बच रहे हैं. सोमवार को अजित पवार 'लाडली बहना' योजना के कार्यक्रम के लिए अहमदनगर में थे. यहां जब पत्रकारों ने अमित शाह के बयान पर सवाल किया तो अजित पवार ने 'नो कमेंट्स' कहते हुए वहां से निकलना सही समझा.
सुप्रिया सुले ने क्या कहा?
सुप्रिया सुले ने कहा कि शरद पवार पर जो टिप्पणी अमित शाह ने की है, वह सुनकर मुझे हंसी आई. जिस सरकार में अमित शाह काम कर रहे हैं, उसी मोदी सरकार ने शरद पवार को पद्मविभूषण से सम्मानित किया था. तो बीजेपी एक बार तय करे कि शरद पवार क्या हैं?
उन्होंने कहा कि दूसरी बड़ी बात यह है कि डर्टी डजन नाम की सीरीज बीजेपी ने चलाई थी और अब 12 के 12 लोग जिन पर बीजेपी ने आरोप लगाए थे, वे सब आज महाराष्ट्र में मंत्री हैं. इतना ही नहीं अशोक चव्हाण पर सबसे ज्यादा आरोप बीजेपी ने ही लगाए थे, वही अशोक चव्हाण मंच पर अमित शाह के पीछे ही बैठे थे. आज तक 90 फीसदी ऐसे लोग हैं जिनपर बीजेपी ने आरोप लगाए और वे सभी वॉशिंग मशीन से धुलकर बीजेपी में आए हैं. तो शायद बीजेपी के नेता थोड़े कन्फ्यूज हैं.
किन नेताओं पर बीजेपी ने लगाए आरोप?
बीजेपी ने उपमुख्यमंत्री और अपने साथी अजित पवार पर 70 हजार करोड़ के सिंचाई घोटाले का आरोप लगाया था. पिछले साल मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री ने खुद इसका जिक्र किया था. इसके बाद अजित पवार बीजेपी के साथ सरकार में शामिल हुए. अजित पवार के साथ आए हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल पर बीजेपी ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. नवाब मलिक जिनपर बीजेपी और देवेंद्र फडणवीस ने दाउद की प्रॉपर्टी खरीदने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया था वे भी अब अजित पवार के खेमे में शामील हैं.
अभिजीत करंडे