दिल्ली के जंतर-मंतर के साथ-साथ देश के कई अलग-अलग हिस्सों में नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है. इसी कड़ी में बुधवार को मुंबई के चेंबूर और शिवाजी पार्क में भी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया. इस बीच सोशल मीडिया पर एक युवती का वीडियो तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है. वायरल हो रहे इस वीडियो में एक युवती पुलिस वैन के सामने अकेली खड़ी होकर उसे रोकते हुए नजर आ रही है.
दरअसल, पुलिस शिवाजी पार्क में प्रोटेस्ट कर रहे कुछ छात्रों को वैन में बिठाकर ले जा रही थी. पुलिसकर्मियों को रोकने के लिए महिला वैन के सामने आकर खड़ी हो जाती है. इसके बाद कई और छात्र साथ मिलकर उनका सर्मथन करते हैं. पुलिस को हारकर मारकर छात्रों को छोड़ना पड़ता है. सोशल मीडिया पर लोग इस महिला की हिम्मत की जमकर तारीफ कर रहे हैं.
सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रही यह महिला एक्टर, मॉडल और होस्ट रिया अहीर हैं. वे बुधवार को कई अन्य लोगों के साथ शिवाजी पार्क में पेपर लीक और अन्य मुद्दों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही थीं. इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे हिरासत में लिए गए लोगों को छुड़ाने के लिए वह मुंबई पुलिस की वैन को रोकती है. शाम 5 से 6 बजे के बीच, पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें शिवाजी पार्क से पुलिस स्टेशन ले जा रही थी. तभी अहीर पुलिस की गाड़ी के सामने खड़ी हो गईं और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की मांग की. जब तक हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा नहीं किया गया, तब तक गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने दिया गया.
रिया अहीर बोलीं-हिम्मत मेरे खून में है
27 साल की रिया अहीर पिछले 13 सालों से हिंदी थिएटर कर रही हैं. उनके पिता ITBP में थे और उनका परिवार आर्मी बैकग्राउंड से है. वायरल हो रहे वीडियो पर वह कहती हैं, "मुझे नहीं पता कि मुझमें यह हिम्मत कहां से आई, लेकिन शायद हिम्मत मेरे खून में है.'
एक्टर-मॉडल रिया अहीर ने साइकोलॉजी की पढ़ाई की है, लेकिन काम की वजह से अपना ग्रेजुएशन पूरा नहीं कर पाईं. अब मुंबई यूनिवर्सिटी में इंग्लिश लिटरेचर में डिस्टेंस एजुकेशन के लिए एनरोल किया है.
रिया का कहना है कि एजुकेशन सिस्टम से उनकी निराशा की एक कारण यह भी है कि उन्होंने अपने कोर्स के लिए पैसे तो दे दिए हैं, लेकिन मुंबई यूनिवर्सिटी से कोई जवाब नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के कई कॉन्टैक्ट्स से संपर्क ही नहीं हो पा रहा है.
मुंबई पुलिस के सामने अकेली डटी रहीं
रिया कहती हैं, 'वैन में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे मैं पहले से जानती हूं. मैं अपने दोस्तों के आने का इंतजार कर रही थीं, लेकिन मैंने देखा कि वैन में लोगों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया है. जब मैंने एक महिला को बाहर निकालने की कोशिश की, तब पुलिस ने मुझे ऐसा करने से रोक दिया. इसके बाद मैं तुरंत आगे बढ़ीं, वैन को रोका और लोगों को बाहर निकालने के लिए कहा.
रिया कहती हैं कि दूसरे लोग भी मेरे समर्थन में आए. इस दौरान पुलिस वैन के ड्राइवर ने डराने के लिए कई बार तेजी से एक्सीलरेटर दबाया, लेकिन मैं अपनी बात पर अड़ी रही.
'मां-पिता, दोस्तों ने मेरी कोशिश को सराहा'
वायरल वीडियो पर माता-पिता और परिवार के रिएक्शन पर रिया ने कहा, 'मेरे मां-पापा को यह बहुत पसंद आया. वे मेरा समर्थन कर रहे थे. मेरे दोस्तों ने भी सपोर्ट किया. उन्होंने मुझे 'बैडी' (बहादुर) कहा'.
रिया ने बताया कि वे साढ़े चार साल की उम्र से काम कर रही हैं. उन्होंने फिर से पढ़ाई शुरू की है, लेकिन उन्हें लगता है कि यह प्रोटेस्ट सिर्फ नीट एग्ज़ाम का मुद्दा नहीं है। उनका कहना है कि यह सिस्टम की बात है. इसके लिए मिलेनियल्स (1981 से 1996 के बीच जन्में लोग) जिम्मेदार हैं क्योंकि उन्होंने सिस्टम के खिलाफ विरोध नहीं किया.
एक्टिंग के साथ बिजनेस ओनर भी हैं रिया
रिया ने पिछले साल 'रियासत' नाम का एक बिज़नेस शुरू किया. इसके तहत वे स्थानीय कारीगरों से संपर्क करती हैं और उनके बनाए प्रोडक्ट्स को शहरों में बेचती हैं, जिनमें मशहूर हस्तियां भी शामिल हैं.
रिया कहती हैं कि उन्होंने अपनी जिंदगी में पहले कभी विरोध-प्रदर्शन नहीं किया था, लेकिन दिल्ली में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों को देखकर वे 21 जुलाई को शिवाजी पार्क में विरोध करने गईं. हालांकि, जब वे वहां पहुंचीं तो लोगों को हिरासत में लिया जा रहा था और उन्हें देर हो चुकी थी, इसलिए वे 22 जुलाई को वापस प्रदर्शन में शामिल होने आईं.
विद्या