रांची में राज्य सरकार द्वारा प्रतियोगी परीक्षाएं रद्द करने की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद भी छात्रों का धरना 26वें दिन जारी है. छात्र नेता रवींद्र पासवान ने बताया कि सरकार ने परीक्षा रद्द करने संबंधी मांगें मान ली हैं, लेकिन न्यायिक जांच को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. सरकार द्वारा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच कराने के प्रस्ताव के मुकाबले छात्रों ने सिटिंग जज की अध्यक्षता में जांच कराने की मांग रखी है. यदि सरकार मामला सीबीआई को नहीं सौंपती है तो जांच सिटिंग जज से ही कराई जानी चाहिए.
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि आज उनके धरने का 26वां दिन पूरा हो चुका है. सरकार की तरफ से परीक्षाएं रद्द करने का जो नोटिफिकेशन आया है, छात्रों ने उसका गहन अध्ययन किया है. उन्होंने कहा कि नोटिफिकेशन में न्यायिक जांच से जुड़ी बातें बहुत साफ नहीं हैं. छात्र इसे समझने में जुटे हैं और इसी मुद्दे को लेकर कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है.
रवींद्र पासवान ने स्पष्ट किया कि सरकार ने परीक्षा रद्द करने से जुड़ी उनकी सभी मांगें पूरी तरह मान ली हैं. सरकार ने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कराने की बात कही है. छात्र नेता ने कहा कि यदि सरकार इस मामले को सीबीआई को नहीं दे सकती तो उनकी मांग है कि जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में ही हो.
रवींद्र पासवान ने बताया कि आगे की रणनीति तय करने के लिए सुबह 10 बजे कोर कमेटी की अहम बैठक रखी गई है. इस बैठक में नोटिफिकेशन के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होगी. बैठक के बाद छात्र नेता जो भी सर्वसम्मत फैसला होगा, उसे प्रेस वार्ता के जरिए सबके सामने रखेंगे.
सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन
इससे पहले राज्य सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित 44 भर्ती परीक्षाओं को आधिकारिक तौर पर रद्द करने की सूची जारी की है. इसके साथ ही सरकार ने अधिसूचित किया है कि परीक्षाओं में गड़बड़ी और कदाचार से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए हाई कोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध किया जाएगा.
सरकार की अधिसूचना के तहत जेपीएससी और जेएसएससी के अंदर एक इंटरनल मॉनिटरिंग सेल बनाया जाएगा. इसके अलावा आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर अध्ययन के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित होगी. इस कमेटी में अन्य अधिकारी और प्रतिष्ठित संस्थान के निदेशक शामिल होंगे. ये कमेटी अगले दो महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी.
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