रांची से एक बड़ी खबर सामने आई है जहां एबीवीपी की एक महिला प्रदर्शनकारी रोशनी प्रदर्शन के दौरान अफरा तफरी और घसीटे जाने के बाद बेहोश हो गईं. यह घटना झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच हुई है, जो पिछले कई दिनों से राज्य में जोर पकड़े हुए है. छात्र और नौकरी की तैयारी कर रहे युवा जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर सड़कों पर उतरे हुए हैं.
यह पूरा मामला 25 जुलाई से चल रहा है, जब छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया था. सोमवार को हजारों छात्र विधानसभा की ओर मार्च करते हुए कई बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई. पुलिस ने जगन्नाथपुर मंदिर के पास पानी की बौछारें छोड़ीं और आंसू गैस के गोले भी दागे. इस झड़प में कई प्रदर्शनकारियों ने खुद के घायल होने का दावा किया, वहीं रांची पुलिस के अनुसार 14 पुलिसकर्मी भी इस दौरान घायल हुए.
इस पूरे मामले का असर मंगलवार को झारखंड विधानसभा में भी दिखा. भाजपा के विधायकों ने छात्रों पर हुई लाठीचार्ज को लेकर सदन में जमकर हंगामा किया, जिसके चलते स्पीकर रबींद्र नाथ महतो को कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी. भाजपा विधायक सदन के वेल में आकर जेएमएम सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे.
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों पर हुई कथित ज्यादती को लेकर जवाब मांगा. वहीं कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान भाजपा समर्थित तत्वों ने हिंसा फैलाई.
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यह मुद्दा संसद तक भी पहुंचा, जहां सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी इंडिया गठबंधन के सांसद संसद के मकर द्वार पर आमने सामने आ गए. एनडीए सांसदों ने राहुल गांधी पर बहस से भागने का आरोप लगाया, जबकि इंडिया गठबंधन के सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह से पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाबदेही मांगी. भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि झारखंड में बच्चों के साथ बर्बरता हो रही है और उन पर पानी की बौछारें व आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया.
सत्यजीत कुमार