भीख मांग रहे बच्चों के पेट पर किडनी के पास मिला चीरा! अंग तस्करी की आशंका

मेदिनीनगर के मेले में भीख मांग रहे 2 बच्चों के पेट पर किडनी वाले हिस्से के आसपास ऑपरेशन जैसे निशान मिलने से हड़कंप मच गया. सूचना पर CWC और चाइल्डलाइन ने दोनों बच्चों को रेस्क्यू कर बाल गृह भेज दिया है.

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मामले की जांच में जुटे बड़े अधिकारी. (File Photo: ITG) मामले की जांच में जुटे बड़े अधिकारी. (File Photo: ITG)

करुणा करण

  • पलामू,
  • 01 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:48 AM IST

झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर शहर में लगे मेला में भीख मांगने वाले 2 बच्चों के पेट पर मिले चीरा के निशान ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामला सामने आने के बाद पलामू बाल कल्याण समिति (CWC) ने दोनों बच्चों का रेस्क्यू कर उन्हें बाल गृह भेज दिया है. बच्चों के पेट पर किडनी वाले हिस्से के आसपास ऑपरेशन के निशान बताए जा रहे हैं. इसके बाद पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए CWC ने मेडिकल जांच कराने का फैसला लिया है.

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जानकारी के मुताबिक पलामू CWC के अध्यक्ष शैलेंद्र चतुर्वेदी को सूचना मिली थी कि मेदिनीनगर में कोयल नदी के किनारे मिला में कुछ बच्चे भीख मांग रहे हैं और उनके पेट पर चीरा के निशान हैं. सूचना मिलते ही CWC और चाइल्डलाइन की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने कार्रवाई करते हुए 2 बच्चों को रेस्क्यू कर लिया, जबकि एक बच्चा मौके से भाग निकला.

रेस्क्यू किए गए दोनों बच्चों को फिलहाल बाल गृह में रखा गया है. CWC की शुरुआती काउंसलिंग में बच्चों ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में रहने वाले अपने मामा-मामी के साथ भीख मांगते थे. बच्चों के मुताबिक, भीख से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा मामा-मामी को देना पड़ता था. मामला सामने आने के बाद बिहार के गया जिले से एक दंपती CWC के पास पहुंचा और दोनों बच्चों को अपना बेटा बताया. इसके बाद बच्चों की पहचान और उनके पारिवारिक दावे की भी जांच की जा रही है.

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काउंसलिंग में दोनों बच्चों ने बताई अलग-अलग बातें
सबसे बड़ा सवाल बच्चों के पेट पर मौजूद ऑपरेशन के निशानों को लेकर है. CWC सदस्य रविशंकर के मुताबिक निशान शरीर के उस हिस्से में हैं, जहां किडनी स्थित होती है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये निशान किस बीमारी या किस मेडिकल प्रक्रिया के कारण बने हैं. बच्चों की काउंसलिंग में दोनों ने अलग-अलग वजहें बताई हैं. एक बच्चे ने पेट में गांठ होने की बात कही, जबकि दूसरे ने पथरी की समस्या बताई. काउंसलिंग के दौरान कुछ ऐसी बातें भी सामने आई हैं, जो एक-दूसरे से मेल नहीं खातीं. ऐसे में CWC अब मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में जुटा है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए CWC ने मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (MMCH) के अधीक्षक को पत्र लिखकर दोनों बच्चों की विस्तृत मेडिकल जांच कराने का अनुरोध किया है. इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन भी किया गया है. मंगलवार को दोनों बच्चों की मेडिकल जांच कराई जाएगी. फिलहाल CWC इस पूरे मामले की जांच अंग तस्करी की आशंका सहित सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर कर रहा है.

हालांकि, मेडिकल जांच और आगे की छानबीन पूरी होने तक अंग तस्करी की आशंका की पुष्टि नहीं हुई है. अब मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर सबकी नजर है. रिपोर्ट से ही साफ हो पाएगा कि बच्चों के पेट पर मौजूद निशान किस वजह से हैं और इस पूरे मामले के पीछे वास्तव में क्या कहानी है.

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