रांची: 'रद्द हो सकती है 14वीं JPSC', सरकार की ओर से 5 पॉइंट का फॉर्मूला

JPSC-JSSC परीक्षा को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के बीच सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि युवाओं को गुमराह करने की कोशिश हो रही है और हर समस्या का समाधान बातचीत से हो सकता है. उन्होंने छात्रों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया. वहीं, छात्र संगठनों और सरकार के बीच बातचीत जारी है.

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JPSC-JSSC परीक्षा को लेकर सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत जारी.( File Photo- ITG) JPSC-JSSC परीक्षा को लेकर सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत जारी.( File Photo- ITG)

सत्यजीत कुमार / आशुतोष मिश्रा

  • रांची ,
  • 09 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:33 PM IST

रांची में JPSC-JSSC परीक्षा को लेकर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच छात्र संगठनों और सरकार के बीच बातचीत अभी जारी है. सूत्रों के मुताबिक, कुछ मुद्दों पर सहमति बनने की संभावना है, हालांकि सरकार की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है. 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द की जा सकती है. 2023 और 2025 की बैकलॉग सीटों को नहीं भरा जाएगा.

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इनपर बन सकती है सहमति

  1. 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द की जा सकती है.
  2. 2023 और 2025 की बैकलॉग सीटों को नहीं भरा जाएगा.
  3. CID की जांच 90 दिनों में पूरी की जा सकती है. इसकी निगरानी के लिए रिटायर्ड जज की कमेटी बनाई जा सकती है.
  4. परीक्षा में सुधार के लिए तकनीकी विशेषज्ञों वाली हाई लेवल कमेटी बनाई जा सकती है. इसमें प्रमुख संस्थानों के इंजीनियर भी शामिल हो सकते हैं.
  5. प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और ब्लैकलिस्टेड कंपनी TDPL की ओर से कराई गई परीक्षाओं में शामिल पैसों के लेनदेन की जांच की जाएगी. परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार IIT, IIM और XLRI जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद ले सकती है.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भी बड़ा बयान सामने आया है. एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है और हर समस्या का समाधान बातचीत के जरिए किया जा सकता है. 

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सभी को न्याय दिलाऊंगा

हेमंत सोरेन ने कहा 'मैं ज्यादा उम्र का नहीं हूं, मैं आपकी समस्याओं को समझता हूं और आपको न्याय दिलाऊंगा. उन्होंने आगे कहा कि हम जानते हैं कि गोलियां सीमा पर जरूरी हैं, यहां उनकी जरूरत नहीं है.

उन्होंने कहा कि देशभर में राजनीतिक दल अलग-अलग तरीकों से युवाओं को अपने निशाने पर ले रहे हैं और उन्हें गुमराह करने की रणनीति बना रहे हैं. इसमें सच और झूठ को मिलाकर युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि इस दिशा में बड़े स्तर पर काम हो रहा है और इसमें पढ़े-लिखे और जानकार लोग भी शामिल हैं.

जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की कार्रवाई के कारण ही युवाओं में गलत काम को सामने लाने और अपने हक के लिए आवाज उठाने का साहस आया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं को न्याय मिलेगा और गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी.

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