जम्मू-कश्मीर में नई मीडिया पॉलिसी, सोशल मीडिया पर कसेगा शिकंजा

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सोशल मीडिया को लेकर नई बहस छिड़ गई है. सरकार अब सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए नई गाइडलाइंस और व्यापक मीडिया पॉलिसी तैयार करने की तैयारी में है.

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 जम्मू-कश्मीर में नई मीडिया पॉलिसी की तैयारी (File Photo) जम्मू-कश्मीर में नई मीडिया पॉलिसी की तैयारी (File Photo)

aajtak.in

  • श्रीनगर,
  • 30 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:08 PM IST

जम्मू कश्मीर सरकार सोशल मीडिया के लिए कंटेट बनाने वालों के लिए नई गाइडलाइंस बनाने की तैयारी कर रही है, विधानसभा में बुधवार को सरकार ने बताया कि सोशल मीडिया क्रिएटर्स की बढ़ती संख्या और उनके कामकाज को लेकर एक व्यापक मीडिया पॉलिसी पर काम किया जा रहा है.

यह जानकारी नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक बशीर वीरी के सवाल के जवाब में शिक्षा,स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा और समाज कल्याण मंत्री सकीना इट्टू ने दी है. 

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उन्होंने बताया कि इस मुद्दे की जांच के लिए बनाई गई विधानसभा की हाउस कमेटी ने सूचना विभाग को नई गाइडलाइंस तैयार करने के लिए चार महीने का समय दिया है. इस कमेटी की अध्यक्षता वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अली मोहम्मद सागर कर रहे हैं. कमेटी की बैठक 13 जुलाई 2026 को हुई थी. विधानसभा में कई सदस्यों ने सोशल मीडिया क्रिएटर्स की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई और नियम बनाने की मांग की. 

नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक नजीर गुरेजी ने कहा कि आज के समय में कोई भी मोबाइल उठाकर खुद को क्रिएटर्स बताने लगता है. उन्होंने सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए रेगुलेशन की जरूरत बताई. वहीं, पीडीपी विधायक वहीद पारा ने सेंसरशिप की मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश 21वीं सदी में है और इस तरह की मांग सही नहीं है.

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मंत्री सकीना इट्टू ने सोशल मीडिया की समस्या पर क्या कहा?

मंत्री सकीना इट्टू ने कहा कि सोशल मीडिया की समस्या के लिए केवल क्रिएटर्स को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल और नेता भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं और कई बार लोगों की गरिमा और चरित्र पर सवाल उठाने वाली सामग्री सामने आती है. इट्टू ने एक सदस्य का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी पत्नी की मेड के नाम से सोशल मीडिया पेज बनाया, जिस पर मंत्रियों के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है. 

यह भी पढ़ें: यूपी सरकार की नई सोशल मीडिया पॉलिसी... देशविरोधी पोस्ट पर एक्शन, यूट्यूबरों को 8 लाख तक विज्ञापन

हालांकि उन्होंने सदस्य का नाम बताने से इनकार किया. मंत्री ने कहा कि सूचना विभाग जांच-पड़ताल के बाद नियमों और कानून के आधार पर व्यापक नीति तैयार करेगा. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि विधानसभा के अंदर सदस्यों और पत्रकारों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर भी नियम बनाए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. 

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