जम्‍मू कश्‍मीर: हैदरपोरा एनकाउंटर की जांच करेंगे एडिशनल डिस्ट्रिक्‍ट मजिस्‍ट्रेट खुर्शीद, जनता से भी मांगे गए सबूत

Hyderpora Encounter: श्रीनगर के एडिशनल डिस्ट्रिक्‍ट मजिस्‍ट्रेट खुर्शीद अहमद शाह अपनी जांच में मौत का कारण, घटना कैसे हुई ? इससे जुड़े फैक्‍ट क्‍या हैं, किन परिस्थितियों में ये वारदात हुई है? इन सभी बिंदुओं की जांच करेंगे. वहीं आसपास के रहने वाले लोगों के लिए भी अपील की गई है कि वे इस मामले में सबूत दें. इसी के तहत एक पब्लिक नोटिस जारी किया गया है.

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उमर अब्दुल्ला ने हैदरपोरा एनकाउंटर को निष्पक्ष जांच की मांग की है (PTI) उमर अब्दुल्ला ने हैदरपोरा एनकाउंटर को निष्पक्ष जांच की मांग की है (PTI)

कमलजीत संधू

  • श्रीनगर ,
  • 19 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 7:37 AM IST
  • 15 दिन में सौंपनी होगी मामले की रिपोर्ट
  • मामले की जांच करेंगे खुर्शीद अहमद शाह

Hyderpora Encounter Update: श्रीनगर के डिप्‍टी कमिश्‍नर और डीएम ने हैदरपोरा एनकाउंटर (Hyderpora encounter) मामले में मजिस्‍ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं. इस मामले की जांच की जांच श्रीनगर के एडिशनल डिस्ट्रिक्‍ट मजिस्‍ट्रेट खुर्शीद अहमद शाह (Khurshid Ahmad Shah) करेंगे.

इस मामले में उन्‍हें 15 दिन के भीतर इस मामले से जुड़े हर फैक्‍ट की जानकारी सौंपनी होगी. खुर्शीद अहमद शाह अपनी जांच में मौत का कारण, घटना कैसे हुई ? इससे जुड़े फैक्‍ट क्‍या हैं, किन परिस्थितियों में ये वारदात हुई है? इन सभी बिंदुओं की वह जांच करेंगे. वहीं आसपास के रहने वाले लोगों के लिए भी अपील की गई है, इसी के तहत एक पब्लिक नोटिस जारी किया गया है. 

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जिसमें लोगों से अपील की गई, अगर किसी को भी इस एनकाउंटर के बारे में कोई जी जानकारी है. अगर वह इस घटना के बारे में कुछ भी बताना चाहता है तो वह डिप्‍टी कमिश्‍नर, श्रीनगर अमर निवास कॉम्‍पलेक्‍स (टनकरीपुरा) में अपना बयान दर्ज करवा सकता है. नोटिस जारी होने के 10 दिनों के अंदर ऐसा करने के लिए लोगों से अपील की गई है. मामले के बारे में उक्‍त पते पर सुबह 11 बजे से लेकर 3 बजे के बीच कार्यदिवसों के अंदर आकर जानकारी दी जा सकती है. ताकि इस मामले के बारे में पूरी जांच हो सके. 

क्‍या है पूरा मामला 

हैदरपोरा में 15 नवंबर को एनकाउंटर में एक पाकिस्तानी आतंकी और उसका साथी मारा दिया गया था. वहीं अल्ताफ भट और मुदस्सिर गुल नाम के दो और लोगों की भी हुई थी. इस मामले में पुलिस का कहना था कि कि अल्ताफ और मुदस्सिर आतंकियों के मददगार थे . हालांकि परिजनों ने इन दावों को झुठलाया था, परिवार वालों का कहना था कि  वे निर्दोष आम नागरिक थे. उनके परिजनों ने इस घटना को एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्‍या बताया था. इसके बाद इस मामले को लेकर ये सवाल उठने लगे थे. वहीं जब मामले में सवाल उठे तो 18 नवम्‍बर को जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ट्वीट भी किया. जिसमें उन्‍होंने लिखा कि हैदरपोरा एनकाउंटर मामले में उचित कार्रवाई होगी. 

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वहीं महबूबा मुफ्ती को इस घटना के बाद नजरबंद कर दिया गया था. वहीं फारुख अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला ने भी एनकाउंटर को निष्पक्ष जांच की बात कही थी. 

 

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