स्वतंत्रता दिवस से पहले आतंकी संगठनों ने एक हिट लिस्ट जारी की है, जिसमें प्रधानमंत्री पैकेज के तहत कार्यरत कश्मीरी पंडितों के नाम शामिल हैं. इसमें उन्हें जान से मारने और उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई है. इस मामले पर अब फारूक अब्दुल्ला ने प्रतिक्रया दी है और LG मनोज सिन्हा के इस्तीफे की मांग की है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने आज तक से खास बातचीत में इसे एक साजिश करार दिया. उन्होंने आतंकवाद के दावों पर कहा,'एक तरफ तो कहा जाता है कि यहां अब आतंकवाद काफी खत्म हो गया है, फिर ये थ्रेट आया कहां से? और क्यों ये उस वक्त आता है जब स्टेटहुड का मामला आता है?'
फारूक अब्दुल्ला ने आगे कहा, 'ये नाम कहां से आए, किसने दिए और कौन देने वाला है? इसकी पूरी तहकीकात हमारे LG साहब को करनी चाहिए. वही सारे सिक्योरिटी के मालिक हैं, उनको देखना चाहिए कि ये सब कहां से आ रहा है.'
कर्मचारियों को घर में रहने की सलाह पर घेरा
सूत्रों के मुताबिक, धमकियों के मद्देनजर पीएम पैकेज के तहत कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को अगले 10 से 15 दिनों तक वर्क फ्रॉम होम ही रहने को कहा गया है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अब्दुल्ला ने इसे सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी बताया.
उन्होंने कहा, 'ये तो गवर्नर या उनके लोगों ने कहा होगा ना, सिक्योरिटी वालों ने ही कहा होगा. तो फिर ये सिक्योरिटी वालों की कमजोरी है. यहां जो इतनी फौज है, इतना पैरामिलिट्री फोर्स है, इतनी पुलिस है, वो क्या कर रही है?"
LG के इस्तीफे की मांग
हाल ही में बांदीपुरा में कश्मीरी पंडित राकेश जोशी को उनकी कब्जाई गई जमीन वापस मिली थी, जिसके बाद उन्होंने सरकार का धन्यवाद किया था. हालांकि, अब उन्हें भी जान से मारने की धमकी मिली है. इस पर हैरानी जताते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा, 'मैं हैरान हूं कि इतनी सिक्योरिटी होने के बावजूद अगर ये हाल है, फिर तो इनको रिजाइन करना चाहिए. गवर्नर साहब को दिल्ली वापस जाना चाहिए.'
'घाटी में सामान्य हैं हालात, जमीनों पर कश्मीरी पंडितों का ही हक'
घाटी में आतंकवाद की स्थिति पर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि ये सब कहां से आ रहा है. उन्होंने कहा, 'यहां लोग आराम से चल रहे हैं, टूरिज्म बढ़ रहा है और लोग घाटी में घूम रहे हैं.'
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जब उनसे पूछा गया कि क्या कश्मीरी पंडितों को जमीन वापस मिलने से आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं, तो उन्होंने कहा, 'ये सब बयान वही लोग दे रहे हैं जो चाहते हैं कि ऐसी चीजें रहें. मुझे तो यहां ऐसा कुछ नहीं दिखता. जो कश्मीरी पंडितों की जमीन है, वो उन्हें मिलनी ही चाहिए. वो उन जमीनों के असली मालिक हैं और उनका घाटी लौटने का पूरा हक है.'
सुनील जी भट्ट